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5 जनवरी 2014 को रात्रि 8.45 बजे मेरी बिटिया ने जन्म लिया। मैं उसे माँ दुर्गा का प्रसाद मानता हूँ। पिता बनने का सुख ही कुछ दिव्यानुभूतिकारी होता है। गदगद् भाव से मैं अपनी पुत्री को माँ दुर्गा का स्वरूप मान कर एक घनाक्षरी छंद प्रस्तुत कर रहा हूँ-
*****************************
सुता रूप धार मात, गेह जो पधारी आप,
चरण युगल माथ, कोटिश: नवाता हूँ।
आह्लादकारी जन्म, किलकारी रही गूँज,
मुग्धकारी महतारी, आप गुन गाता हूँ॥
जैसे लिया जन्म मात, किया उपकार बहु,
वैसे जियो शत साल, हिय से मनाता हूँ।
जन उर ताप हारी, भव भय पार कारी,
प्रकृति स्वरूप तुम, मुग्ध गुन गाता हूँ॥

मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 30, 2014 at 11:22am

सुता रूप धार मात, गेह जो पधारी आप,
चरण युगल माथ, कोटिश: नवाता हूँ।

ईश्वर समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करे..

लयबद्ध सूचना पर हार्दिक बधाई.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 23, 2014 at 9:39pm

जीवन में पुत्री के शुभागमन पर बहुत बहुत बधाई भाई विन्ध्येश्वरी जी 

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति हुई है 

ढेरों शुभकामनाएं.

Comment by Vindu Babu on January 23, 2014 at 4:28am

आदरणीय विन्धेश्वरी जी बिटिया के आगमन पर ढेरों बधाई...और शुभकामनायें।

सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 22, 2014 at 8:40pm

आदरणीय विंध्येश्वरी जी सर्वप्रथम पिता बनने पर आपको बधाई. अपने मनोभावों को आपने खूबसूरती से व्यक्त किया है बधाई स्वीकार करें

Comment by अरुन 'अनन्त' on January 22, 2014 at 11:29am

भाई जी सर्वप्रथम आपको पिता बनने हेतु ढेरों ढेरों दिली बधाइयाँ. बेहद शानदार घनाक्षरी रची है आपने बहुत बहुत बधाई आपको.

Comment by vijay nikore on January 22, 2014 at 7:58am

हार्दिक बधाई और आशीष। बिटिया स्वस्थ रहे और आप सभी प्रसन्न रहें।

 

सादर,

विजय निकोर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by sharadindu mukerji on January 22, 2014 at 2:42am
गली-गली पवन चली,किलक उठी कली-कली
महक उठे पराग-विंद,थिरक उठे अलि-अलि
जाग उठा तमाल वन,जाग उठा है हर चमन
किसी के आगमन के साथ जाग उठा है हर सपन
उमड़ रहे जलद दल,घुमड़ रहे वे हो विकल
कर रहे उद्घोष सब ये किसीका जन्म पल......हार्दिक बधाई माता-पिता को और आशीष नवआगंतुका के लिये.
Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on January 21, 2014 at 11:46pm

वाह, बधाई भाई बधाई  !

Comment by नादिर ख़ान on January 21, 2014 at 10:37pm

आदरणीय विन्ध्येश्वरी त्रिपाठी जी,बिटिया के जन्म की बहुत बहुत बधाई, 

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on January 21, 2014 at 7:47pm
भाई राहुल देव जी! आपका हार्दिक आभार।

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