For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कह-मुकरियाँ - कल्पना मिश्रा बाजपेई

1-)

छू जाता  है तन को मेरे। 

कह जाता  है मन को मेरे ।

उसको हरदम है कुछ कहना,

क्या सखि साजन ?

ना सखि नैना !

2-)

छूते है तन मन को मेरे ।

बिन बोले ही मेरे तेरे ।

मिल जाते हम सब के संग,

क्या सखि साजन ?

ना सखि रंग !

3-)

दिल को मेरे छू जाती है ।

भावनाओं को सहलातीं है ।

इन की नहीं है कोई म्यादे ,

क्या फरियादें ?

ना सखि यादें !

4-)

टिकट बिना भाग ये जाता ।

कोई वाहन इसे ना भाता ।

इसका नहीं है कोई तन ,

क्या सखि वेतन ?

ना सखि मन !

5-)

बिन तेरे कुछ मुझे न भाता ।

तू ही मेरा भाग्य विधाता ।

तुझ में रहती हर दम मगन,

क्या सखि साजन ?

ना सखि भगवन !

6-)

महिलाओं को दास बनाए ।

जो ना पाये वो पछताए ।

दिखता इस का रूप सलोना,

क्या सखि साजन ?

ना सखि सोना !

7-)

नहीं है इसका रूप सुहावन ।

आता जाता सबके आँगन ।

माखन रोटी ले कर भागा ,

क्या सखि साजन ?

ना सखि कागा !

8-)

फूलों से ये गंध चुराता ।

रस पीने को उत्सुक रहता ।

बैठा है पंकज में छिपकर ,

क्या सखि साजन ?

ना सखि मधुकर !

9-)

राखे मुझ को गले लगाकर।

कांधे अपने  नेह लगा कर।

पुछो ना सखि  उसका हाल ,

क्या सखि साजन ?

ना सखि साल !

10-)

गरमी में जब जी उकलाये।

झट पट याद उसी की आए ।

भारत हो या मक्का-मदीना ,

क्या सखि साजन ?

ना पुदीना  !

11-)

जहां- तहां वो मिल ही जाता ।

बच्चों को भी अतिशय भाता ।

चट्टानें हों या हो बालू ,

क्या सखि भालू ?

ना सखि आलू !

कल्पना मिश्रा बाजपेई

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 547

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by kalpna mishra bajpai on February 26, 2014 at 6:20pm

अदरणीया शाशी जी बहुत आभार आपका ।

Comment by shashi purwar on February 26, 2014 at 4:12pm

बहुत सुन्दर प्रयास है आपको हार्दिक बधाई आदरणीया कल्पना जी , 

Comment by kalpna mishra bajpai on February 25, 2014 at 6:49pm

आदरणीय गिरिराज भण्डारी जी बहुत बहुत आभार आपका सर । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 25, 2014 at 6:07pm

आदरनीया कल्पना जी , कह मुकरियों के प्रयास के लिये आपको बधाई ॥

Comment by kalpna mishra bajpai on February 25, 2014 at 3:00pm

अदारनिया प्राची जी आप ने जो सुझाव भेजा है उस पर पूरी तरह से ध्यान दूँगी ।बहुत -बहुत धन्यवाद सादर ......


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on February 25, 2014 at 12:10pm

कहमुकरियों पर कलम आजमाई के लिए बधाई आ० कल्पना मिश्रा बाजपेयी जी 

लेकिन तार्किकता की कसौटी पर ज़रा इन मुकरियों को देखिये 

टिकट बिना भाग ये जाता ।

कोई वाहन इसे ना भाता ।

इसका नहीं है कोई तन ,.......................क्या ये बात साजन के लिए कह सकते हैं ?

क्या सखि साजन ?

ना सखि मन !

दिल को मेरे छू जाती है ।....................यहाँ तो साजन को स्त्रीलिंग ही बना दिया गया 

भावनाओं को सहलातीं है ।................यहाँ भी साजन को स्त्रीलिंग बना दिया 

इन की नहीं है कोई म्यादे ,................यहाँ साजन बहुवचन भी हो जाता है 

क्या सखि साजन ?

ना सखि यादें !

महिलाओं को दास बनाए ।

जो ना पाये वो पछताए ।

मुझे मिला है भर कर दोना ,.........साजन के दोने भर मिलने की बात भी सार्थक नहीं प्रतीत होती... प्यार मिला हो तो पंक्ति से ऐसा ज़ाहिर होना चाहिए 

क्या सखि साजन ?

ना सखि सोना !

नहीं है इसका रूप सुहावन ।

आता जाता सबके आँगन ।

दधि की मटकी ले कर भागा ,......................कागा दही की मटकी लेकर कैसी भाग सकता है , यह भी समझ नहीं आया 

क्या सखि साजन ?

ना सखि कागा !

रखता है वो मेरा ध्यान ।

रखूँ में भी उसे सम्हाल ।

पुछो ना तुम उसका हाल ,

क्या सखि साजन ?

ना सखि साल !...........................यह कहमुकरी भी ज़बरदस्ती हुई प्रतीत होती है 

विधाओं पर सार्थक प्रयास हो, यही शुभकामनाएं हैं 

फिलहाल इस प्रयास पर बधाई 

सादर.

Comment by annapurna bajpai on February 24, 2014 at 8:32pm

tबहुत खूब कल्पना जी , क्या बात है । बधाई आपको । 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Mar 12
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Mar 12

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Mar 11
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service