For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नारी [अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक नारी विषयक कविता]

मेरा परिचय क्या है?
क्या एक मानवी का ?
अथवा किसी की दासी का,
क्या मेरा परिचय यही है?
कि मेरा कोई अस्तित्व नहीं है।
मैं बहुत कुछ होकर भी,
स्वयं में कुछ नहीं हूँ।
क्या पुरुष की सहचारिणी
होने के कारण,मैं अस्तित्वहीन हूँ?
क्या एक स्त्री होने के कारण,
मैं केवल अबला,असहाय हूँ?
क्या पत्नी होना कोई अभिशाप है,
जो स्त्री को पुरुष की दासी बना देता है,
अथवा पुरुष सर्वश्रेष्ठ है,
जो स्त्री और प्रकृति सबका
अधिकारी बन जाना चाहता है।
जो चाहता ही नहीं कि उससे
पृथक नारी की कोई सत्ता हो?
जो चाहता है कि वही उसका
अधिकारी हो और वह मात्र
उसकी दासी हो,उसकी अनुचरी हो।
वह नारी का सर्वस्व हो,
किन्तु नारी का उस पर
किंचित मात्र भी अधिकार न हो।
नारी तो उसके लिए भोग्या है,
सेविका है,सहायिका है,समर्पिता है।
किन्तु वह स्वयं कब -कब
समर्पित हुआ है नारी के सम्मुख?
वह कब सहयोगी बना है नारी के लिए?
समर्पण तो केवल नारी के लिए है,और
पुरुष;उसके लिए तो केवल अधिकार है,
नारी को भोगने का,उसे पीड़ित करने का।
उसे मात्र प्रताड़ित करने का,
उस पर अधिकार जताने का,
उसके मन को जलाने का,
उसकी उपेक्षा करने का,
उसकी भत्र्र्र्र्र्सना करने का,
उसे अपमानित करने का,
उसका बलात्कार करने का।
'सावित्री राठौर'
[मौलिक एवं अप्रकाशित]

Views: 722

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 9, 2014 at 9:59am

आदरणीया सावित्री जी 

आपकी रचना पढ़ी . अच्छे प्रश्न .

समय बहुत बदल गया है. नारी का सम्मान सदेव रहा है. अपवाद हर क्षेत्र में होता है. बैसाखी के सहारे  चलना त्याग दें. वर्ना कमजोर दिखने पर लाभ लेने वालों की कमी नही है. 

सादर बधाई. 

Comment by Savitri Rathore on March 12, 2014 at 8:15pm

गिरिराज जी,आपका आभार !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on March 11, 2014 at 9:44pm

सुन्दर भाव अभिव्यक्ति के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ , आदरणीया सावित्री जी ॥

Comment by Savitri Rathore on March 11, 2014 at 4:10pm

आ० जितेन्द्र जी, आपके प्रतिक्रिया व्यक्त करने हेतु आपका आभार !

Comment by Savitri Rathore on March 11, 2014 at 4:09pm

आ०  कल्पना जी सादर नमस्कार !
उत्साहवर्धन हेतु आपकी आभारी हूँ,ऐसे ही स्नेह बनाये रखिये।

Comment by Savitri Rathore on March 11, 2014 at 4:07pm

आ० शिज्जू जी,सराहना हेतु आपका आभार !

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on March 11, 2014 at 7:43am

इस सुंदर भावपूर्ण रचना पर हार्दिक बधाई आदरणीया सावित्री जी

Comment by कल्पना रामानी on March 10, 2014 at 11:10pm

आदरणीया सावित्री जी, मन के भावों को बहुत मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया है आपने। इस भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आपको


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 10, 2014 at 8:24am

आदरणीया सावित्री जी इस रचना के लिये बधाई स्वीकार करें

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
Tuesday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service