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तुम मेरी सम्पूर्णता की बानगी हो (ग़ज़ल 'राज')

2122  2122   2122 

तुम ग़ज़ल मेरी मुहब्बत में पगी हो

फूल, कलियाँ,वल्लरी सी ताज़गी हो

 

तुमको पाकर ये मकाँ घर हो गया है

तुम मेरी सम्पूर्णता की बानगी हो

 

इन तेरी साँसों से महके प्रेम उपवन

रूप यौवन में बसी इक सादगी हो

 

पास आकर भी नहीं तुम पास मेरे

दूरियों से क्यूँ न फिर नाराज़गी हो

 

बिन तेरे ये दिल धड़कना छोड़ देता   

आज कहता हूँ मेरी तुम जिंदगी हो

 

प्यार पाकर दिल नहीं भरता ये मेरा

झील होकर अनबुझी इक तिश्नगी हो

 

दिल बिछा दूँ मैं जहाँ तू पाँव रख दे

इससे बढ़कर क्या मेरी दीवानगी हो

 

 (मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment by भुवन निस्तेज on May 14, 2014 at 9:21pm

तुमको पाकर ये मकाँ घर हो गया है

तुम मेरी सम्पूर्णता की बानगी हो

बहुत खूब...


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 13, 2014 at 9:27am

जितेन्द्र गीत भैय्या, आपको ग़ज़ल उसके भाव प्रभावित किये ,आपका तहे दिल से आभार. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 13, 2014 at 9:26am

तहे दिल से आभारी हूँ मीना जी आपको ग़ज़ल पसंद आई ,ये ग़ज़ल मैंने अपनी वेडिंग एनिवर्सरी से एक दिन पहले लिखी थी किन्तु पोस्ट अब की है दिल में ख़ुशी हुई कि आपको पसंद आई. 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on May 13, 2014 at 12:44am

बहुत खुबसूरत गजल आदरणीया राजेश दीदी, हर एक शेर लाजवाब हुआ. दिली बधाइयाँ स्वीकार कीजियेगा

Comment by Meena Pathak on May 12, 2014 at 9:51pm

आय हाय .... गज़ब..गज़ब ... बधाइयाँ आदरणीया राजेश कुमारी जी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 12, 2014 at 5:46pm

आसिफ़ अमान जी ग़ज़ल पर आपकी सराहना मिली ,लिखना सार्थक हुआ तहे दिल से आभारी हूँ| 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 12, 2014 at 5:45pm

आ० श्यामनारायण वर्मा जी, तहे दिल से आभार आपका ग़ज़ल आपको अच्छी लगी. 

Comment by Asif Amaan on May 12, 2014 at 5:25pm

Achchi ghazal ke liye badhai!!

yeh sher to kamaal hai..

तुमको पाकर ये मकाँ घर हो गया है

तुम मेरी सम्पूर्णता की बानगी हो

Comment by Shyam Narain Verma on May 12, 2014 at 4:18pm
अच्छी गजल के लिये बधाई................

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 12, 2014 at 12:41pm

प्रिय सरिता जी ,आपको ग़ज़ल पसंद  आई मेरा लिखना सार्थक हुआ.तहे दिल से आभारी हूँ   

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