For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वैसे तो मैं
हर डगर से पहुँच जाता हूँ
तेरे पास .
मगर यह
प्रेम डगर बहुत कठिन है.
तुम्ही आ जाओ न
ढलान से होकर.

डॉ. विजय प्रकाश शर्मा
(मौलिक व् अप्रकाशित )

Views: 888

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 13, 2014 at 11:21pm

बहुत सुंदर, बधाई आपको आदरणीय विजय जी

Comment by Meena Pathak on June 13, 2014 at 6:04pm

सुन्दर बहुत सुन्दर 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 13, 2014 at 5:55pm

शर्मा जी

आपका आभार प्रदर्शन  मुझे भा  गया  i

चलो मै उसी राह पर फिर आ गया  ii
धन्यवाद श्रीमन i

Comment by Dr.Vijay Prakash Sharma on June 13, 2014 at 4:33pm

डॉ. गोपाल जी,
पहले तो मेरे आभार को स्वीकारो तुम
पीछे फिर राहों के फिसलन पे सोंचना.
पहले तो प्यार के फुहार को सम्हालो तुम
पीछे ढलान और फिसलन को जोड़ना.
सादर.

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 13, 2014 at 3:47pm

शर्मा जी

अपनी मुसीबत अगले के गले मढ़ दी i यह भी न सोचा ढलान फिसलन भरी हुयी तो   ?

यहतो प्यार न हुआ -

पागल रे वह मिलता है कब ?

उसको तो देते ही है सब

आंसू के कण-कण से गिनकर

यह विश्व लिए है ऋण उधार i

Comment by Dr.Vijay Prakash Sharma on June 13, 2014 at 12:40pm

आभार लक्ष्मण जी.

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 13, 2014 at 11:19am

बहुत खूब आ0.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आभार भाईसाब "
5 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय शेख शहजादजी शास्त्रीय गीत संगीत में रुचि न रखने वाले से अधिकतम सहयोग राशि (चंदा ) जबरदस्ती…"
7 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"तरही मिसरे पर ग़ज़ल पर अच्छा प्रयास है आदरणीय। विस्तृत समीक्षा के लिए आदरणीय तिलकराज जी उपयोगी…"
8 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह-वाह, क्या छंद, क्या भाव, क्या अलंकरण। बहुत बहुत बधाई प्रतिभा जी। कोयल को न्यौता भिजवाया// क्या…"
12 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"आभार आदरणीय उस्मानी जी "
17 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"अनेक आभार प्रतिभा जी ।"
17 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"हार्दिक धन्यवाद आदरणीय "
20 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय दयाराम जी, ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए, मार्गदर्शन तो विद्वान ही करेंगे। धन्यवाद "
25 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए "
28 minutes ago
Manan Kumar singh commented on Admin's group भोजपुरी साहित्य
"गजल आईं एगो नज़्म भइल बादेखीं सब रउए कइल बा।1 हहरल हियरा रउए खातिरइचिको ना एमे मइल बा।2 नयन मटक्का…"
28 minutes ago
सुरेश कुमार 'कल्याण' posted a blog post

कुंडलिया

दरियादिल हो बाप जब, करता कन्यादान।दयावान भगवान हो, रखता उसका मान।रखता उसका मान, भात नरसी-सा भरता।आठ…See More
1 hour ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय शाहज़ाद उस्मानी साहब , नमस्कार। हौसला अफजाई का बहुत शुक्रिया।"
1 hour ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service