For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरे शहर का मौसम !

============
बूँद बरखा 
हरियाला मौसम 
सजा के रखा 
****
आँख झपकी 
घनघोर घटायें 
बूँद टपकी 
****
झूमते पत्ते 
नाचते तरुवर 
घनों के छत्ते 
****
रसिक मन 
भीगने को आतुर 
तन -बदन 
========
@अविनाश बागडे 

Views: 160

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Maheshwari Kaneri on September 2, 2014 at 5:58pm

बहुत सुन्दर ,, बधाई

Comment by Meena Pathak on August 25, 2014 at 5:56am
झूमते पत्ते 
नाचते तरुवर 
घनों के छत्ते .................बहुत सुन्दर ,, बधाई आ० बागड़े जी 
Comment by savitamishra on August 20, 2014 at 7:46pm

बढ़िया _/\_

Comment by annapurna bajpai on August 14, 2014 at 11:44pm

सुंदर हाइकु , बधाई आपको आ0 अविनाश जी 

Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on August 14, 2014 at 11:09pm

बढ़िया हाइकु आदरणीय अविनाश जी.. बधाई ! 

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं !

Comment by AVINASH S BAGDE on August 13, 2014 at 5:41pm

Chhaya Shukla जी आभार आपका

Comment by Chhaya Shukla on August 11, 2014 at 8:50pm

अनुपम ! बड़े ही सुंदर हाइकु उपलब्ध कराये पढकर खूब अच्छा लगा बधाई स्वीकारें दिल से ! अविनाश बागडे जी नमन 

Comment by AVINASH S BAGDE on August 11, 2014 at 7:18pm
रमेश कुमार चौहान जी आभार आपका
Comment by रमेश कुमार चौहान on August 7, 2014 at 4:39pm

बहुत सुन्दर हाइकू ..सादर बधाई

Comment by AVINASH S BAGDE on August 7, 2014 at 9:56am


बहुत बहुत शुक्रिया rajesh kumari जी 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post ग़ज़ल
"जनाब सतविन्द्र कुमार राणा जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । आपने ओबी ओ के गोल्डन…"
2 hours ago
Shlesh Chandrakar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आ. राणा प्रताप जी, ग़ज़ल संख्या 85 के 4थे शेर मिसरा ए उला सुधार कर ‛अब तेरा इंतजार करता हूँ'…"
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

नए आयाम ....

नए आयाम ....मुझे नहीं सुननी कोई आवाज़ मैंने अपने अन्तस् से हर आवाज़ के साथ जुड़े हुए अपनेपन की अनुभूति…See More
5 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

आस्था "

हर घर में एक राम है रहता।हर घर में एक रावण भी॥जैसी जिसकी सोच है रहती।उसको दिखता वो वैसा ही॥ टूट…See More
5 hours ago
Mahendra Kumar replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"गोल्डन जुबली मुशायरा (अंक-100) के सफल संचालन एवं तीव्र संकलन की हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीय…"
7 hours ago
Samar kabeer replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"जनाब अफ़रोज़ साहिबअदाब,तक़ाबुल-ए-रदीफ़ वाले मिसरे दुरुस्त कर लें ।"
7 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय कृष्ण सिंह जी वांछित संशोधन कर दिया है|"
7 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीया अंजलि जी वांछित संशोधन कर दिया गया है|"
8 hours ago
Krishnasingh Pela replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"१. आदरणीय , मुशायरे के इस बेहतरीन शीघ्र संकलन के लिए बधाइ स्वीकार करें ! २. ग़ज़ल संख्या 86 में…"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय समर साहब ..मुशायरे की कामयाबी के लिए आपको भी बधाइयां|"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"मोहतरम शेख शहजाद उस्मानी साहब आपके द्वारा किये गए संशोधन सही है ..इन्हें कर दिया गया है|…"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय अजय तिवारी जी आप सही कह रहे हैं ..त्रुटिवश यह मिसरे बेबहर चिन्हित हो गए थे ..इन्हें पूर्व की…"
8 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service