For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अब खतरनाक हो गया बादल
या कहें बेलगाम है पागल

कोई तो इन्द्र को ये समझाये,
कर रहा है किसान को घायल

आसमाँ ने कहा शराबी है,
मेघ नाचे है बाँध कर पायल

ओ रे मूर्ख खडी फ़सल को देख,
बालियों में है धूधिया चावल

गडगडाहट करे, डराये है,
बिजलियाँ हो रही तेरी कायल

.
मौलिक व अप्रकाशित

Views: 247

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2014 at 9:47pm

 Sulabh Agnihotri ,  भाई साहब आपका आभार , हां आपने मूर्ख को मूरख करने की सलाह देकर , मेरी गल्तियों को याद दिलाया , बहुत शुक्रिया 

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2014 at 9:43pm

laxman dhami ,  आभार भाई साहब...... 

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 6, 2014 at 9:43pm

 गिरिराज भंडारी,   आपका आभार   

Comment by Sulabh Agnihotri on September 6, 2014 at 5:34pm

इस बहुत अच्छी गजल के लिए बधाई कुबूल करें।
गजल में मिट्टी की सांधी महक है - जो कि आम तौर पर गजलों में नहीं होती साथ ही जबरिया उर्दू का छौंक नहीं है इसलिए आम हिन्दी पाठक को सहज समझ में आनी वाली है।
कृपया चैथे शेर में मूर्ख की जगह मूरख लिखिये।
बाकी अल और यल की बात तो हो ही चुकी है।
पुनः बधाई !

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on September 5, 2014 at 11:59am
आदरणीय भाई सुबे सिंह जी, गजल अच्छी हुई है हार्दिक बधाई ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 5, 2014 at 10:42am

आदरणीय सूबे सिंह भाई , अच्छी ग़ज़ल कही है , मौसम के अनुकूल , आपको दिली बधाइयाँ

Comment by सूबे सिंह सुजान on September 4, 2014 at 9:34pm

 Dr Ashutosh Mishra,  आदरणीय, आपका बहुत बहुत धन्यवाद.....

आपकी बात सही है अल   व यल....में मैं गलती कर बैठा हूँ । आपने चिन्हित करके बताया, शुक्रिया

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 4, 2014 at 1:00pm

आदरणीय सूबे सिंह जी इस सुंदर ग़ज़ल के लिए तहे दिल बधाई ..बस काफिया में अल और यल मुझे थोडा अटपटा लग रहा है बैसे इस पर बिद्व्त जनों की प्रतिक्रिया मिलने पर सही जानकारी मिलेगे सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"जनाब मनन कुमार जी, आदाब। अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। "
44 seconds ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब, जैसे सिर्फ नून ग़ुन्ना+अलिफ़, अलिफ़ पर मद्दाह होते हैं वैसे ही सिर्फ…"
11 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on AMAN SINHA's blog post वो सुहाने दिन
"बचपन की यादे आपकी कविता पढ़कर ताजा हो गईंं। खूबसूरत कविता. के लिये बधाई"
1 hour ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on रणवीर सिंह 'अनुपम''s blog post हल हँसिया खुरपा जुआ (कुंडलिया)
"आदरणीय रणवीर सिंह अनुपम जी सादर अभिवादन बहुत सुन्दर कुनडलियां द्वरा दुर्दशा का वर्णन किया है बधाई"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भूख तक तो ठीक था - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post चराग़ों की यारी हवा से हुई है
"'मेरे आँख में नींद की अब कमी है' इस मिसरे में 'मेरे' की जगह "मेरी"…"
2 hours ago
Rupam kumar -'मीत' updated their profile
2 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post बचपने की उम्र है
"आदाब,  समर कबीर जी , हार्दिक धन्यवाद आपका"
2 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post बचपने की उम्र है
"आदाब,अमीरुद्दीन खान साहेब ,मैं स्वयं विधा की जानकार नहीं हूँ।मैं तो केवल अपने भावों को शब्दों…"
2 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post चराग़ों की यारी हवा से हुई है
"sir apko mera pranam,, jara apni nazar ek baar aur fer lee koi kami n reh jaaye,, mujhe yeh manch…"
2 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted blog posts
2 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"इस जानकारी के लिए धन्यवाद।"
3 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service