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गलती क्या थी मेरी माई.......गीत

'गलती क्या थी मेरी माई'

आज खबर एक फिर है आई
गर्भ में ही मासूम मिटाई।

पति भूला पितृत्व भी अपना
सास ससुर का 'वंश'का सपना
देख दशा नारी जीवन की
मौन मुहर उसने भी लगाई।...आज खबर

जीवन उसका लगा दाँव पर,
मृत्यु ने दस्तक दी ठाँव पर,
घबराये सब घर भर वाले,
खबर मायके तक पहुंचाई।...आज खबर

मात-पिता का फटा कलेजा,
भाई ने संदेसा भेजा,
बहना को गर कहीं हुआ कुछ,
अब खैर ना रही तुम्हारी।...आज खबर

भाभी ने आकर समझाया,
एक बरस भी बीत न पाया,
साथ यही मेरे भी किया था,
चुप क्यों हो ननदी के भाई।...आज खबर

खोलीं आँख कराह के उसने,
रूह सुता की लगी पूछने,
अश्रु पोंछकर पेट को देखा,
'गलती क्या थी मेरी माई'।...आज खबर
सीमा हरि शर्मा 19.09.2014(मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by seemahari sharma on December 4, 2014 at 11:55am
बहुत आभार आ.Madan Mohan Saxena जी आपने रचना को पसंद किया
Comment by Madan Mohan saxena on December 3, 2014 at 3:11pm

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...बेह्तरीन अभिव्यक्ति ...!!शुभकामनायें.

Comment by seemahari sharma on November 21, 2014 at 7:31pm
ह्रदय से शुक्रिया Chaaya Shukla जी इसी तरह अपना स्नेह बनाएं रखें सादर
Comment by seemahari sharma on November 19, 2014 at 5:41pm
बहुत बहुत आभार आदरणीय Er.गणेश बागी जी और समस्त ओ बी ओ प्रबन्धन टीम का आपने मेरी रचना 'गलती क्या थी मेरी माई' को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना के लिये चयनित किया हैं।
Comment by Chhaya Shukla on November 16, 2014 at 2:55pm

 बहन सीमा जी ,

भ्रूण हत्या पर सार्थक रचना हुई है | महीने की सर्वश्रेठ रचना चुने जाने के लिए आपको बहुत बहुत बधाई सादर

Comment by seemahari sharma on November 13, 2014 at 11:41pm
बहुत बहुत आभार Mohinder Kumar जी रचना को प्रोत्साहन देने के लिये।
Comment by Mohinder Kumar on November 10, 2014 at 12:19pm

आदरणीय सीमा जी,

भ्रूण हत्या पर सार्थक रचना के लिये बधाई.  

Comment by seemahari sharma on November 5, 2014 at 1:02am
ह्रदय से आभार Rajesh kumari जी आपने रचना को सराहा। लिखना सार्थक रहा सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 31, 2014 at 3:33pm

वाह वाह करूँ या आह्ह्ह करूँ बस क्या कहूँ आँखें सजल हो गई पढ़कर ..बहुत ही प्रभावशाली  रचना .बहुत- बहुत बधाई सीमा जी. 

Comment by seemahari sharma on October 22, 2014 at 3:33pm
बहुत बहुत आभार Shyam Narain Verma जी अपने रचना को पसंद किया।

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