For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गजल-ये नहीं शायरी के पन्नें है!

2122 1222 22

ये मेरी जिन्दगी के पन्ने हैं!
ये नहीं शायरी के पन्ने हैं!!

ये नशेमन है मेरी आहों के!
ये तेरी बेरुखी के पन्ने हैं!!

मुफलिसी बेबसी की ये चींखे!
तीरगी इस गली के पन्नें हैं!!
ंंंंंं
ये तो बच्चों की लाशे है या रब!
ये तेरी खामुशी के पन्ने हैं!!

ना समझ हो अभी क्या समझोगे!
मेरे कागज सभी के पन्ने हैं!!

देखनी हो जिसे दुनिया 'राहुल'!
मुझको पढ़ ले इसी के पन्ने हैं!!

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 1103

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rahul Dangi Panchal on December 22, 2014 at 4:38pm
आदरणीय गिरीराज जी इतना खूबसूरत तरीके से समझाने हेतु ह्रदयतल से धन्यवाद कुबूल करें! सादर!

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 22, 2014 at 4:34pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी सर बात बहुत अच्छे से समझाई है बहुत काम की बात... अं आँ के काफिया निर्धारण में सावधानी वाकई अनिवार्य है 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 22, 2014 at 4:23pm

आदरनीय राहुल भाई ,  सरज़मीं  दर असल  सर ज़मीन का छोटा कर बनाया शब्द है , उर्दू मे  हटा कर ऊपर बिन्दी लगाने की कई जगह छूट है , जैसे मकान को मकां आदि , सरजमीं मे काफिया  ई  नही,  ईं  है , बाकी काफिया आपने लिया है । शायद बात समझा सका होऊँ ।

Comment by Rahul Dangi Panchal on December 22, 2014 at 4:16pm
आदरणीय गिरिराज भंडारी जी क्रपया मुझे सरजमीं काफिया न होने कारण समझाने की भी कष्ट करें तो बडी मेहरबानी होगी
Comment by Rahul Dangi Panchal on December 22, 2014 at 4:14pm
आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी बहुत बहुत धन्यवाद!
Comment by Rahul Dangi Panchal on December 22, 2014 at 4:13pm
आदरणीय गिरीराज जी मैं अवश्य कोशिश करुंगा सादर धन्यवाद स्वीकार करें
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 22, 2014 at 4:04pm

ये नशेमन है मेरी आहों के!
ये तेरी बेरुखी के पन्ने हैं!!------------- vaah vaah -----kya baat hai !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 22, 2014 at 3:04pm

आदरणीय राहुल भाई , अच्छी गज़ल हुई है , हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें ।

बाक़ी बातें आदरणीय सौरभ भाई के कह दी है , एक बात और --

शायरी , बेरुखी , खामुशी के साथ - सरज़मीं , काफिया नही लिया जा सकता , इसे सुधार लीजियेगा ।

Comment by Rahul Dangi Panchal on December 22, 2014 at 12:39pm
सादर धन्यवाद नरेन्द्र जी
Comment by Rahul Dangi Panchal on December 21, 2014 at 9:00pm
आदरणीय डॉ विजय जी बहुत बहुत धन्यवाद!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
3 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
3 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
4 hours ago
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
11 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
13 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Mar 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service