For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक और मुश्किल..

अनगिनत विचारों में से एक विचार चुन पाना  है  मुश्किल ..
विचार चुन भी लो तो उसको शब्दों में पिरोना भी है एक मुश्किल..
 शब्द दे भी दिए तो कोई समझ पाएगा क्या उसको वैसे ही ,
जैसे समझाना चाहते थे? यह भी तो है मुश्किल..
सारी मुश्किलों का सही हल पाना भी है मुश्किल..
हल मिल जाए तो उसको निभाना भी है मुश्किल..
निभा पाए तो लोग कितना साथ देंगे अपना..
लोगों को साथ लेकर चलना भी है कितना मुश्किल..
मान लो लोग चल भी दिए साथ तो राह कितनी होगी मुश्किल..
कितने सवालों के सही जवाब देना है एक मुश्किल..
जवाबों का क्या,कुछ कह भी दो लेकिन..
जो कहा उससे सामने वाले को संतुष्ट करना भी है मुश्किल..
उफ़!मुश्किलों को गिन पाना तो है और भी मुश्किल..
गिन कर उनको संभालना भी है मुश्किल..
संभाल लिया तो चलो थोड़ी राहत होगी ,लेकिन..
आपकी राहत को कोई सहन कर नहीं पाएगा और खड़ी कर देगा..
एक और मुश्किल..:))))))

Views: 396

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Lata R.Ojha on April 4, 2011 at 8:21pm

Dhanyavaad Ganesh bhai :) jee bahut prayatn kia lekin tab bhi sabhi mushkilen ekattha nahi huin ..sach..bahut hai mushkil :)

 

Comment by Lata R.Ojha on April 4, 2011 at 8:19pm
Aabhaar Vandana ji :) sahi baat ..mushkilon se dar ke chalna kyon chhoda jae bhala :) lekinmushkilon se nijaat paana sadaa hi hota hai mushkil :) hai na !

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 4, 2011 at 7:51pm
बहुत खूब लता जी , सारी मुश्किलों को एक साथ इकठ्ठा करना कोई आप से सीखे :-))) बहुत ही प्यारी रचना , बधाई |
Comment by Lata R.Ojha on March 28, 2011 at 4:24pm
:) aabhaar Tapan ji :) aur aap sabhi ke, rachna pe vichaar paana bhi, to hai na mushkil :)))))))))))
Comment by Tapan Dubey on March 28, 2011 at 4:15pm
इतनी प्यारी रचना बनाना भी है मुश्किल.. बहुत खूब बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
Friday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
Friday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
Friday
Sushil Sarna posted blog posts
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service