For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Tapan Dubey
  • Male
  • Hyderabad
  • India
Share

Tapan Dubey's Friends

  • Dr.Vijay Prakash Sharma
  • Nilesh Shevgaonkar
  • गिरिराज भंडारी
  • आशीष नैथानी 'सलिल'
  • SANDEEP KUMAR PATEL
  • राकेश त्रिपाठी 'बस्तीवी'
  • Vasudha Nigam
  • दिनेश मिश्र
  • monika
  • Saahil
  • Ajeet Dubey
  • anjana
  • Tilak Raj Kapoor
  • R N Tiwari
  • Er. Ambarish Srivastava
 

Tapan Dubey's Page

Latest Activity

Tapan Dubey shared their blog post on Facebook
May 14, 2019
Tapan Dubey posted a blog post

तहरी गजल - (एक प्रयास )

हमारी बात भारी हो रही है। ये देखो इश्तेहारी हो रही है। खफा हो मुझसे तुम ये लग रहा है , की मीठी शय भी खारी हो रही है। तरसती है ख़ुशी को जिन्दगानी , ये अब तो गम की मारी हो रही है। तपन हरगिज ना इसको आंकना कम , बुलंदी पर ये नारी हो रही है।- मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
May 13, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
Hyderabad
Native Place
Rajgarh(Dhar) M.P.
Profession
Team Lead

Tapan Dubey's Blog

तहरी गजल - (एक प्रयास )

हमारी बात भारी हो रही है।
ये देखो इश्तेहारी हो रही है।


खफा हो मुझसे तुम ये लग रहा है ,
की मीठी शय भी खारी हो रही है।


तरसती है ख़ुशी को जिन्दगानी ,
ये अब तो गम की मारी हो रही है।


तपन हरगिज ना इसको आंकना कम ,
बुलंदी पर ये नारी हो रही है।

- मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on May 12, 2019 at 12:30pm

वी मिस यू जगजीत सिंह जी

 

 

ग़ज़ल के बादशाह श्री जगजीत सिह के निधन की खबर सुनते ही आँखे भर आई है. जगजीत सिह जी वो थे जिन्होने मुझ जैसे कई लोगो को ग़ज़ल से परिचित कराया है, जैसे संगीत और शायरी का साथ है, शायरी और ग़ज़ल है, वैसे ही ग़ज़ल और जगजीत सींग जी है, उनकी आवाज़ मे एक जादू था, रागो की आमिजीश के साथ उनकी ग़ज़ले दिल मे उतर जाती थी, दिल को छू जाती थी आज उनके लिए मुझे किसी…

Continue

Posted on October 10, 2011 at 1:30pm — 1 Comment

१५ अगस्त

फिर आ रहा है १५ अगस्त. फिर से उस दिन सुबह उठते ही हम देश प्रेम के गीत को सुनेगे | सारे समाचार,टीवी चैनल सब जगह देश प्रेम की बाते की जायेगी, स्कुलो में भी गली के सबसे भ्रष्ठ नेता जी को देश प्रेम का भाषण देने के लिए बुलाया जाएगा | टीवी चैनल्स पर देश प्रेम की फ़िल्म लगाई जायेगी,दया करुणा प्रेम भाईचारे के साथ रहने की कसम खाई जायेगी. पूरा देश,देशभक्ति के रंग में डूब जाएगा..और जैसे…

Continue

Posted on August 12, 2011 at 2:00am — 3 Comments

ज़िंदगी.

मे ये नही जानता शायरी क्या होती है, ग़ज़ल क्या होती है. गीत क्या होता है. सिर्फ़ मे वो लिखता हू जो मे महसूस करता हू. अपने एहसासो को कागज पर लिख के पोस्ट कर रहा हू. तकनीकी ग़लतियो के लिए माफी चाहता हू और आदरणीय योगराज जी, अंबरीषजी,धर्मेन्द्र जी और तिलक राज जी,गणेश जी से ये मेरी गुज़ारिश है की, वो अपने कीमती समय का कुछ पल मेरी इन पंक्तियो को दे कर तकनीकी ग़लतिया मुझे बताए.....इसके अलावा हिन्दी लिखने के  Tool से मे पूरी तरीके से परिचित नही हू इसलिए जानकर्  भी अपनी…

Continue

Posted on June 6, 2011 at 3:00pm — 2 Comments

Comment Wall (8 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:53pm on August 8, 2011, monika said…
aap sabhi ka bahut bahut shukriya prayas karungi ki aage bhi issi tarah obo ke liye acha likhti rahu bahut bahut dhanyvaad
At 8:45am on June 12, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 12:50am on June 11, 2011, shalini kaushik said…
many happy returns of the day.happy birthday to you.
At 9:31pm on June 4, 2011, moin shamsi said…
meri mitr-mandli me aapka swagat hai mitr !
At 10:28am on April 3, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 2:03pm on March 24, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Shree,Tapan Dubey Sahib,Aapki ZarraNawazi Ke Liye Shukriya.
At 12:17pm on March 11, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 7:17pm on March 10, 2011, Admin said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore posted blog posts
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post प्रतीक्षा
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । बहुत अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
16 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

ग्राहक फ्रेंडली(लघुकथा)

बैंक ने रेहन रखी संपत्तियों की नीलामी की सूचना छपवाई।साथ में फोन पर बात करती किसी लड़की की भी फोटो…See More
17 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

सहर हो जाएगा

जिस्म तो नश्वर है, ये मिट जाएगाप्रेम पर अपना अमर हो जाएगा सोच मत खोया क्या तूने है यहाँएक लम्हा भी…See More
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"आ. भाई विवेक जी, अच्छी गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post हमारा दीपक - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मिट्टी की तासीरें जिस को ज्ञात नहीं -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और निरन्तर प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसके पुरखे भटकाने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । गजल पर मनोहारी प्रतिक्रिया के लिए आभार। ओबीओ परिवार के गुणी…"
21 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल - पत्थरों से रही शिकायत कब ? // --सौरभ
"आ. सौरभ सर.  लम्बे समय बाद आपको पढ़ना सुखद है. ऐसा लगता है मानों ग़ज़ल कच्ची ही उतार ली…"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मिट्टी की तासीरें जिस को ज्ञात नहीं -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। लूटपाट  है …"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post हम पंछी भारत के
"आद0 प्रदीप देवी शरण भट्ट जी सादर अभिवादन। इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसके पुरखे भटकाने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आप गज़ल अच्छी लिखते हैं। हार्दिक बधाई, मित्र लक्ष्मण जी।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service