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धड़कन भी खो जायेगी....

आओ न !
मेरे शब्दों को सांसें दे दो
हर क्षण तुम्हारी स्मृतियों में
मेरे स्नेहिल शब्द
तुम्हें सम्बोधित करने को
आकुल रहते हैं
गयी हो जबसे
मयंक भी उदासी का
पीला लिबास पहन
रजनी के आँगन में बैठ
तुम्हारे आने का इंतज़ार करता है
न जाने अपने प्यार के बिना
तुम कैसे जी लेती हो
यहाँ तो हर क्षण तुम्हारी आस है
तुम बिन हर सांस अंतिम सांस है
तुम नहीं जानती
तुम्हारी न आने की ज़िद क्या कहर ढायेगी
जिस्म रहेंगे मगर
जिस्मों से जान चली जाएगी
रजनी भी मयंक की उदासी न दूर कर पाएगी
वक्त की पालकी पे
ज़िंदगी भी यूँ ही गुज़र जाएगी
यादों की गर्द में
दिल भी खो जायेगा
धड़कन भी खो जायेगी

सुशील सरना

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 730

Comment

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Comment by Sushil Sarna on June 18, 2015 at 12:39pm

आदरणीय   krishna mishra 'jaan'gorakhpuri जी रचना  के मर्म पर आपकी आत्मीय   प्रशंसा का  हार्दिक आभार। 

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on June 13, 2015 at 11:30pm

आ० सुनील सरना जी आपने मंत्रमुग्ध कर दिया है!दिल बाग़ बाग़ हो गया इस कृति पर!नमन्!

Comment by Sushil Sarna on June 11, 2015 at 9:55pm

आदरणीय   गिरिराज भंडारी जी रचना  के मर्म पर आपकी आत्मीय   प्रशंसा का  हार्दिक आभार। 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 11, 2015 at 1:29pm

आदरणीय सुशील भाई , सुन्दर भाव पूर्ण रचना हुई  है , क्या बात है , दिली बधाइयाँ । रजनी भी मयंक की उदासी न दूर कर पाएगी
वक्त की पालकी पे
ज़िंदगी भी यूँ ही गुज़र जाएगी
यादों की गर्द में
दिल भी खो जायेगा
धड़कन भी खो जायेगी  --  बहुत सुन्दर पंक्तियाँ !!

Comment by Sushil Sarna on June 11, 2015 at 11:50am

आदरणीय  shree suneel  जी रचना  के मर्म पर आपकी आत्मीय   प्रशंसा का  हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 11, 2015 at 11:49am

आदरणीय  Kewal Prasad  जी रचना  के मर्म पर आपकी आत्मीय   प्रशंसा का  हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 11, 2015 at 11:49am

आदरणीय   vijay nikore जी रचना  के मर्म पर आपकी आत्मीय   प्रशंसा का  हार्दिक आभार। 

Comment by shree suneel on June 11, 2015 at 11:06am
भावपूर्ण... सुन्दर.. प्रभावित करती इस प्रस्तुति के लिए बधाई आपको सुशील सरना सर.
Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 11, 2015 at 9:22am

आ0 सुशील  भाई जी,  सुंदर प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई. सादर

Comment by vijay nikore on June 11, 2015 at 8:15am

बहुत ही सुन्दर भाव ! बधाई।

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