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"माहौल" एक सच्चाई

ऑफिस से आकर सबसे पहले टीवी ऑन किया तो गलती से दूरदर्शन लग गयाI  इसे देख कर लगा की  देश अपनी रफ़्तार से प्रगति कर रहा हैI चारों और शांति हैI सब अपना अपना काम कर रहे हैI हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब एकता की मिसाल दे रहे हैI और भारत दुनिया के अग्रसर देशो में शुमार होने जा रहा हैI लेकिन जैसे ही निजी न्यूज़ चेंनलो की और बढ़ा तो लगा,  देश में साम्प्रदायक माहौल बिगड़ गया हैI चारो और हत्याए हो रही हैI हर जगह दंगे भड़क गए हैI  चारो और धारा144 लगी हुई हैI सवर्ण दलितों को मार रहे हैI जगह जगह बलात्कार हो रहे हैI लोग भूखे मर रहे हैI महंगाई चरम सीमा पर हैI किसान आत्महत्याएं कर रहे हैI नेताओ के मुँह से अपशब्दों की बहार चल रही हैI लोग एक दूसरे को गालियाँ दे रहे हैI ये देख लगा एक दो दिन में एमरजेंसी लगने वाली हैI ऐसी हालत देखकर रहा नहीं गया और ताजा हालत जानने घर से निकला तो देखा चारो और सामान्य हालात है, सब कुछ शांति से चल रहा हैI मन में सोचा सब ठीक चल रहा है, तो फिर ये माहौल बिगाड़ने का काम कौन कर रहा हैI फिर अचानक ध्यान आया सूटकेस में भर कर आने वाले नोटों के साथ "नोट" की और जिस के मुताबिक देश का माहौल तैयार होता हैI "मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment by harikishan ojha on November 10, 2015 at 5:56pm

आदरणीय राहिला  जी आप का बहुत बहुत,  धन्यवाद

Comment by harikishan ojha on November 10, 2015 at 5:54pm
आदरणीय सविता मिश्रा जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद
Comment by Rahila on November 4, 2015 at 11:21am
बहुत बेहतरीन रचना आदरणीय हरिकृष्ण जी! आपकी रचना पढ़ कर लगा कही पढ़ चुकी हूं तब इससे मिलती जुलती वाट्स एप पर पढ़ने को मिली । बहुत बधाई आपको ।
Comment by savitamishra on November 2, 2015 at 11:50pm

बहुत bdhiya कटाक्ष ....बहुत खूब

Comment by harikishan ojha on November 2, 2015 at 7:41pm

आदरणीय उस्मानी जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद हौसला अफजाई के लिए

Comment by harikishan ojha on November 2, 2015 at 7:39pm

आदरणीय कल्पना भट्ट जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on November 2, 2015 at 6:44pm
हृदयतल से बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय हरिकिशन ओझा जी इस अनुपम सार्थक तीखे कटाक्ष के सृजन के लिए। हर कोई यह सब महसूस करता है, समझता है, कहना चाहता है, समस्या का समाधान चाहता है, लेकिन हर कोई चुप्पी साधे हुए है। आपकी लेखनी ने सबकी आवाज़ को उत्कृष्ट शब्द दिए। बहुत बहुत हार्दिक बधाई आपको।

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