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छाती में भयंकर दर्द के कारण डॉ के पास गया।डॉ ने हृदय रोग होने की आशंका से उससे जुड़े सभी टेस्ट लिख दिए।टेस्ट हुए।रिपोर्ट आई।रिपोर्ट में शक के दायरे की सभी समस्याएं नदारद।रिपोर्ट के अनुसार कोई समस्या नहीं।सुनकर ख़ुशी हुई।फ़िर भी
-डॉ साहब ये छाती में दर्द क्यों हुआ?
-अरे कुछ नहीं!बस गैस,बाई-बादी....।
-पर क्यों?
-कुछ तीखा मसालेदार खा लिया होगा या फिर कुछ खाया ही नहीं होगा।
-हाँ हाँ।नवरात्र के व्रत रखे थे ।
-तुमने!!!!!
-जी।
उसे ध्यान आया बहुत कमजोरी के कारण माँ असमर्थ थी व्रत रखने में और वह परिवार में व्रत रखने की परम्परा भी निभाना चाहती थी।
-कमाल हो गया तुमने व्रत रखे,नवरात्र में!किस लिए भाई?
-बस माँ के लिए।
मौलिक एवम् प्रकाशित

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Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on December 10, 2015 at 1:33pm
हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तेजवीर जी इस प्रयास को सार्थक बनाने के लिए।
Comment by TEJ VEER SINGH on November 28, 2015 at 7:47pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सतविंदर जी!बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

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