For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मय वो दौलत है जो जन्नत से यहाँ तक पहुँचे

बह्र:-2122-1122-1122-22

उसने ख़त लिख्खे रूमानी, वो कहाँ तक पहुँचे।।
मेरा दावा है रकीबों की ,जुबाँ तक पहुँचे।।

आह मत ले तु गरीबों की ,अमीराँ हो कर।
छोड़ दौलत को दुआयें ही, वहाँ तक पहुँचे।।

दौरे हाजिर में मुकाबिल है कहीं भी बेटी।
मेरी ख्वाहिस है बुलंदी के मकाँ तक पहुँचे।।

खुद खुदा ने ही खुदाई की खिलाफत करदी।
बे समय पानी ये पत्थर भी किसां तक पहुचे।।

नाम लेना भी गुनाहों में गिना क्यों तुमने।
मय वो दौलत है जो जन्नत से यहाँ तक पहुँचे।।

आमोद बिन्दौरी

Views: 247

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by vijay nikore on April 6, 2016 at 1:02pm

अच्छी गज़ल के लिए बधाई।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 5, 2016 at 10:53am

आ० भाई आमोद जी इस सूंदर ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 4, 2016 at 10:22pm

आह मत ले तु गरीबों की ,अमीराँ हो कर।
छोड़ दौलत को दुआयें ही, वहाँ तक पहुँचे।।---बहुत  खूब 

दौरे हाजिर में मुकाबिल है कहीं भी बेटी।
मेरी ख्वाहिस है बुलंदी के मकाँ तक पहुँचे।।---वाह्ह्ह  शानदार शेर 

बहुत सुन्दर ग़ज़ल कही है आमोद जी 

बे समय पानी ये पत्थर भी किसां तक पहुचे।।----इस मिसरे में पत्थर शायद आप ओलों के लिए लिख रहे हैं क्या मैंने सही समझा  किसान को किसां लिखना क्या ठीक होगा ?

Comment by Dr Ashutosh Mishra on April 4, 2016 at 4:10pm

sunder prastuti

Comment by amod shrivastav (bindouri) on April 4, 2016 at 12:51pm
आप सभी का स्नेह ही है राहिला दी जो मार्गदर्शन देता है। वर्ना मैं कुछ नही ......इस अनन्त महा सागर में.....आप का स्नेह पाकर बहुत ख़ुशी हुई आप का आभार दी
Comment by Rahila on April 3, 2016 at 6:58pm
आप बहुत ही शानदार ग़ज़ल लिखते है आद.आमोद जी! मुझे इस विधा की कोई जानकारी नहीं लेकिन हर शेर का मफहूम इतना गजब का है कि तारीफ किये बगैर ना रह सकी । बहुत बधाई ।सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sunanda jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"हृदयतल से आभार आदरणीय ,रचना को इतनी बारीकी से पढ़कर उसकी सटीक समीक्षा के लिए ।प्रयास करुँगी उचित…"
4 hours ago
sunanda jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"हृदयतल से आभार आदरणीय मेरा हौसला बढ़ाने के लिए ।"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रदत्त चित्र पर रचे उल्लाला छंदों को आपका आशीष मिला. रचना कर्म सार्थक…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए आपका दिल से आभार. सादर."
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, प्रदत्त चित्र पर रचे छंद आपको अच्छे लगे इसके लिए आपका…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय, मुझे भान है कि आपकी भाषा का मर्म उर्दूपगा है जिस हेतु आपने लिपि के तौर पर देवनागरी को…"
5 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"प्रिय मनोज भाई, आदाब। इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल की रचना पर आपको हार्दिक बधाई।     मेरे ज़ख़्मों पे…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन । रचना पर सारगर्भित टिप्पणी से सहज मार्गदर्शन के लिए आभार । आपका कथन…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"  जुड़े हाथ गरदन घुसी, और नहीं कुछ बात है । सुबह-सुबह के स्नान से, काँप रहा शिशु गात…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सतविन्द्र जी, हार्दिक धन्यवाद।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन एवं हार्दिक धन्यवाद।इंगित छंद के अतिम चरण को इस प्रकार देखें - सभी…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-106 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर आभार ।"
5 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service