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रंग बिरंगे हाइकू

रंग बिरंगे हाइकु

*************

1.

ग्रीष्म की रुत

सांकल सी खटकी

पीली लू आयी

२. 

लिखती रही

रंगीन सा हाइकू

रात भर मैं

३. 

सफ़ेद छोने

बर्फ के सिरहाने

फाये रुई के

...आभा  

 

 

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Comment

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Comment by Ashok Kumar Raktale on September 13, 2016 at 2:26pm

वाह ! तीनों ही हायकू सुंदर रचे हैं आदरणीया. बहुत-बहुत बधाई. सादर.

Comment by Abha saxena Doonwi on September 12, 2016 at 9:35am

आदरणीय समर कबीर जी नमस्कार ,

मैं आपका हार्दिक अभिनन्दन करती हूँ जो आपको 'मेरे रंग बिरंगे हाइकू' पसंद आये ..इसी तरह स्नेह भाव बनाये रखियेगा ..शुक्रिया 

Comment by Samar kabeer on September 11, 2016 at 3:14pm
मोहतरमा आभा सक्सेना जी आदाब,आपके रंग बिरंगे हाइकु अच्छे लगे,बधाई स्वीकार करें ।

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