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आगे बढ़, बस बढ़ता चल

चहेरे पर मुस्कान को रख

कुछ नया करने की चाहत रख

स्वयं पर दृढ़ विश्वास को रख

आगे बढ़ बस आगे बढ़ता चल ||

सहयोग बलिदान की भावना रख

जिम्मेदारियों ना तू डर

टीम वर्क पर विश्वास जता

हौंसले संग तू आगे बढ़ ||

 

नामुमकिन कुछ नहीं है जग में

मन में थोड़ा धैर्य रख

असफलताओ से सीख ले

मुकाम को अपने हासिल कर ||

 

कहने वाले कहते हैं

उनकी बातों पर ध्यान ना धर

कठिन पर अडचने आती

जीवन के इस मंत्र को पढ़ ||

 

कर्तव्य पथ कदम बढ़ा

निश्चित अपना लक्ष्य कर

लग्न से कड़ी तू मेहनत कर

लक्ष्य अपना फतेह तो कर ||

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment

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Comment by PHOOL SINGH on November 13, 2019 at 9:18am

कबीर सर, मेरी रचनाओ को आपकी टिप्पणी का सदा इंतज़ार रहता इसके लिए मै बहुत शुक्र गुज़र हूँ 

Comment by Samar kabeer on November 9, 2019 at 3:14pm

जनाब फूल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

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