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लगन - डॉo विजय शंकर

लगभग पचास वर्ष पूर्व जब मैं बहुत छोटा था , प्रायः दीवारों पर लिखा एक विज्ञापन पढ़ा करता था , " न मच्छर रहेगा , न मलेरिया रहेगा , डी डी टी छिड़किये , मच्छरों को दूर भगाइए " .
पता नहीं क्या हुआ , कुछ समय बाद , दीवारों का विज्ञापन बदल गया , कुछ यूँ हो गया , " मच्छर रहेगा पर मलेरिया नहीं रहेगा " .
कुछ समय और बीता , दीवार के विज्ञापनों की श्रृंखला में , मच्छरों , मलेरिया ग्रस्त रोगी के चित्र , कुनैन जैसी दवाओं के साथ मलेरिया के लक्षण और उपचार कराने और मलेरिया से लड़ने के बड़े-बड़े सचित्र विज्ञापन दिखने और पढ़ने को मिलने लगे . एक समय वह भी आया जब मलेरिया की तेज दवा मेटाकॉफिन का नाम आम सामान्य ज्ञान की जानकारी हो गया था , जब कि उसके प्रयोग में ख़तरा भी बहुत होता था .
फिर काफी समय तक मच्छर भी था , मलेरिया भी था , मलेरिया का इलाज भी था .
आज वह सब है और साथ में डेंगू भी है .
लगन देखिये , प्रयास जारी है , वैसे ही .

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Shubhranshu Pandey on October 28, 2014 at 11:37am

सुना है मच्छडो़ ने T-REX  को काटा था. लेकिन अब वो नहीं हैं. उसके बाद मैमथ को काटा उनका अस्तित्व समाप्त हो गया.

अब वो इन्सानों को काट रहे हैं. भगवान मालिक है इन्सानों का...

सुन्दर विचार.

सादर.

Comment by Dr. Vijai Shanker on October 13, 2014 at 9:46pm
प्रिय जीतेन्द्र जी , कथा को स्वीकार करने एवं आपकी बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 12, 2014 at 11:57pm

आज का इंसान अपने ताने-बाने में अधिक परेशान है. अति संवेदनशीलता को गले लगाते हुए अपनी प्रतिरोधक क्षमता को धीरे-धीरे कम कर बैठा है. मच्छरों की ताकत वहीँ की वहीँ है शायद इसलिए विज्ञापनों ने दीवारों पर ज्यादा स्थान घेरना शुरू कर दिया है. बहुत-बहुत बधाई आपको आदरणीय डा.विजय जी, इस महीन सी सच्चाई को साझा करने पर

Comment by Dr. Vijai Shanker on October 12, 2014 at 7:16pm

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सोमेश जी , आपकी पारखी नज़र ने सही पकड़ लिया। निवेदन यह भी है कि नुक्सान आदमी को अधिक हो रहा है , प्रयास उसका सफल नहीं हो रहा है, मच्छर ने मलेरिया से डेंगूं में तरक्की कर ली है। देखिये कब तक , कहाँ तक चलती है यह अस्तित्व की लड़ाई ?
आपकी विवेचना के लिए सादर धन्यवाद।

Comment by somesh kumar on October 12, 2014 at 6:27pm

ये अस्त्तित्व की लड़ाई है |मच्छर और इंसान दोनों भिड़े है एक-दुसरे को ताकतवर सिद्ध करने में |

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