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OBO लाइव तरही मुशायरा-७ की सारी गज़लें एक साथ

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Comment by रवि बेक on February 18, 2011 at 6:45pm
जय भारत!
मन प्रशन्न हो गया। धन्यवाद।
आप जैसे लोगोँ को ही इस देश को सख्त जरूरत है
आपने सभी को एक साथ एक जगह मिलाया है उसे तरह हमारे देश को भी एक सूत्र मेँ बांधना है।
Comment by nemichandpuniyachandan on January 31, 2011 at 11:37am
Marvellous, Shree Ranapratapsinghji,Mushayara-7Ki sari Gazalen Ek sath,this is a very costly present,many thanks.
Comment by nemichandpuniyachandan on January 31, 2011 at 11:16am
Marvellous,shree RanapratapSinghJi,Mushayara-7 ki saari Gazalen Ek Saath,This is a Very Costly Present.many thanks.
Comment by Abhinav Arun on January 30, 2011 at 7:40pm
वाह राणा जी क्या खूबसूरत कलेवर में परोसा है आपने तरही -०७ को | बधाई  ही बधाई हम सब की ओर से |आपके परिश्रम को साधुवाद | ओ.बी.ओ. निश्चित ही अपने विकास के पथपर अग्रसर है |
Comment by वीनस केसरी on January 29, 2011 at 9:59pm

जय हो,

दिल खुश कर दित्ता 

Comment by nemichandpuniyachandan on January 29, 2011 at 9:22pm
shree,ranapratap singh ji,namaskar,Aap Dawara Housala-afzai ke liye Dhanywad

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 29, 2011 at 8:53pm
राणा जी बहुत बहुत धन्यवाद, सभी ग़ज़लों को एक जगह और इस खूबसूरती से आपने प्रस्तुत किया है कि दिल से वाह वाह निकल रहा है |
Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on January 29, 2011 at 6:10pm
वाह वाह वाह राणा भाई। सारी ग़ज़लें एक साथ मिल गईं मजा आ गया। जो कुछ छूट गया था वह भी पढ़ लिया। बहुत बहुत धन्यवाद

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