For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कुछ कह न सके तुम, चुप सह न सके हम .

खामोशियों में टूट गया दिल ये  बेचारा 
आहें दबी रहीं, चाहें दबी रहीं..
बिन तुम्हारे हमसे जिया ही न गया..
है ओढ़नी कफ़न, सूने से ये नयन..
जाते हुए पीछे से पुकारा ही न गया..
आया था एक ख़त, तुम हुए दिवंगत 
एक आस का सहारा था वो भी अब गया..
बाकी बचा था क्या? बाकी रहा भी क्या ?
माटी का ही लाल था माटी में मिल गया |

 

Views: 645

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Lata R.Ojha on September 15, 2011 at 10:47am

Shukria Ashish ji :)

Comment by Lata R.Ojha on September 15, 2011 at 10:47am

dhanyvaad Ganesh ji:)

Comment by Lata R.Ojha on September 15, 2011 at 10:46am

Shukria Anwesha Anjushree ji:)

Comment by Lata R.Ojha on September 15, 2011 at 10:46am

Aabhaar Kailash C Sharma ji:)

 

Comment by Lata R.Ojha on September 15, 2011 at 10:45am

Aapka bahut bahut dhanyvaad mohinichordia ji :)

Comment by आशीष यादव on September 15, 2011 at 9:40am

एक मार्मिक कविता| ह्रदय को स्पर्श करती हुई| इस दशा में दोनों को ही अपने कर्म करते हुए तड़पना पड़ता है, एक सीमा पर तो एक घर की सीमा में|


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 14, 2011 at 9:04pm

माटी का ही लाल था माटी में मिल गया....

 

वाह, लता जी, आपने इस रचना के जरिये देश के वीरों को सलाम भेजा है, एक सीमा पर शहीद होता है और एक घर में शहीद होती है, बिरह के दर्द को कलेजे में समेटे वो कैसे जय हिंद कहती होगी, वोह !

खुबसूरत प्रस्तुति लता जी, आभार आपको |

Comment by Anwesha Anjushree on September 14, 2011 at 6:58pm

sunder abhiwyakti..pidit man ka sunder avlokan...

Comment by Kailash C Sharma on September 14, 2011 at 3:19pm

है ओढ़नी कफ़न ..सूने से ये नयन..
जाते हुए पीछे से पुकारा ही न गया..
......बहुत मार्मिक अभिव्यक्ति...रचना के भाव अंतस को गहराई तक छू जाते हैं.

Comment by mohinichordia on September 14, 2011 at 9:21am

मार्मिक कविता है |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service