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शिज्जु "शकूर"'s Discussions (2,379)

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"जनाब रिज़वान साहब इस खूबसूरत ग़ज़ल के लिये दाद हाज़िर है"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मोह्तरम जनाब समर कबीर साहब ग़ज़ल तो कमाल है मत्ला लाजवाब है और यही आपका हुनर भी है। और…"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब मिथिलेश जी एक बार फिर आप बिजली से तेज़ निकले :-) ग़ज़ल तो बस कमाल है बहुत बहुत बधा…"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हवा के तेज़ थपेड़ों में जीने मरने का है खूब तज़्रिबा ये कर्ब से गुज़रने का लो तैरने…"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आपके हरे मिसरे में भी तक़ाबुले रदीफ़ है"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 8, 2015 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 64 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

11 Dec 27, 2015
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

सदस्य टीम प्रबंधन

"जयनित जी आपके उस मिसरे में तक़ाबुले रदीफ़ नुमाया है"

शिज्जु "शकूर" replied Dec 8, 2015 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 64 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

11 Dec 27, 2015
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"मकाँ सही है लेकिन मक्ते के मिसरे को लेकर मैं अब भी मुतमइन नहीं हूँ"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"छमुह्तरम तस्दीक़ साहब ग़ज़ल अच्छी है दादकुबूल फ़रमायें। नीचे लिखे मिसरों पर भी गौर करें…"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"लाजवाब आदरणीय दिनेश भाई बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल के लिये"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदरणीय डॉ गोपाल नारायण सर भावपक्ष मजबूत है और शिल्प पर आदरणीया राजेश दीदी की बात से…"

शिज्जु "शकूर" replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

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