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मिथिलेश वामनकर's Discussions (7,388)

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"आदरणीया प्रतिभा जी, तीन बुजुर्गों के कथोपकथन से गुंथी हुई इस लघुकथा की मार्मिक पंक्त…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया माला जी, वक़्त बदल रहा है, हालात बदल रहे हैं, मशीनीकरण ने व्यक्ति को सुविधाएं…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुधीर  जी, जेनरेशन गेप से उपजी समस्या का समाधान देती बढ़िया लघुकथा लिखी है आपन…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया कल्पना जी, आपने बहुत बढ़िया लघुकथा लिखी है. एक गुरु सदैव शिष्य से ऐसी ही आशा…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय तेजवीर सिंह जी, कुछ देशों में अमानवीयता की हद है. वैसे यह लघुकथा प्रदत्त विषय…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी, वर्तमान समय में निर्वाचन के अंतर्गत केवल उम्मीदवार दलों में…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया सीमा जी, सामंती किलों का ढहना और उससे उपजी आर्थिक तंगी तथा घोर निराशा में मा…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ढहते किले का दर्द   “आइये पंडितजी, आइये, बैठिये।”“ठाकुर साहब ये क्या सुन रहा हूँ? आप…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य कार्यकारिणी

"स्वागत है आदरणीय.. सादर "

मिथिलेश वामनकर replied Jan 29, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-74 में स्वीकृत रचनाओं का संकलन

26 Jan 29, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 79 वें अंक की सफलता हेतु आप सभी सहभागियों एवं सदस्यों को…"

मिथिलेश वामनकर replied Jan 28, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-79

652 Jan 28, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
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२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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