For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Mahendra Kumar's Discussions (2,169)

Discussions Replied To (2162) Replies Latest Activity

"वैक्सीन   डेविड और पीएम हाउस के बीच बस अब थोड़ी सी ही दूरी बची थी।   उधर देश की सबसे…"

Mahendra Kumar replied Sep 29, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-30 (विषय: "उजाला")

738 Sep 30, 2017
Reply by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani

"आ. मोहम्मद आरिफ़ जी, बहुत ख़ुशी हुई यह जानकार आपने दुनिया की सबसे छोटी ग़ज़ल लिख डाली है…"

Mahendra Kumar replied Sep 25, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

सदस्य टीम प्रबंधन

"आ. राणा प्रताप सर, तरही मुशायरा अंक 87 के सफल सञ्चालन एवं त्वरित संकलन हेतु बधाई स्व…"

Mahendra Kumar replied Sep 25, 2017 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 87 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

11 Oct 4, 2017
Reply by Samar kabeer

सदस्य टीम प्रबंधन

"आ. राणा प्रताप सर, तरही मुशायरा अंक76 के संकलन हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. आदरण…"

Mahendra Kumar replied Sep 25, 2017 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 76 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

5 Oct 6, 2017
Reply by Mahendra Kumar

"वाह! बहुत ही शानदार ग़ज़ल कही है आपने आ. गजेन्द्र जी. शेर दर शेर दाद के साथ मुबारक़बाद…"

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"आ. सौरभ सर, आपके ये शब्द मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं. आपकी इस टिप्पणी ने मेरे अन्दर…"

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"अच्छी ग़ज़ल है आ. मुनीश तन्हा जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"ज़र्रानवाज़िश का बहुत-बहुत शुक्रिया आ. दिनेश जी. हार्दिक आभार. सादर."

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"आपकी शुभकामनाओं हेतु बहुत-बहुत शुक्रिया आ. राणा प्रताप सर. सादर आभार."

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

"पुनः बहुत-बहुत धन्यवाद आ. राजीव जी. सादर आभार."

Mahendra Kumar replied Sep 23, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
19 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
21 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service