For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rana Pratap Singh's Discussions (2,359)

Discussions Replied To (2014) Replies Latest Activity

"आपको भी शुभकामनाएं|"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"अविनाश जी जुराब के कफिये ने तो मन मोह लिया ..बहुत ही खूबसूरती से आपने इसका प्रयोग कि…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"आहा  जब जिस्म से लिबास हया का उतर गया तब रूह ने छिपा लिया चेहरा नकाब में और इस चिनग…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"aअफरीन आफरीन आफरीन....विर्क साहब ..क्या कमाल के खयालातों को पिरोते हैं आप ...इस रवाय…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"आहा ,,,,,,सत्ता की डोज़ ..भाई क्या बात है ....डा० साहब इस चुनावी गज़ल के लिए ढेरों बधा…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"kया बात है क्या बात है क्या बात है ...चिनाब के काफिये ने तो दिल ही खुश कर दिया..खुर्…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"वाह वाह वाह ...बेहतरीन मतले के साथ गज़ल कि शुरुवात हुई है और शेर भी लाजवाब कहे हैं ये…"

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"जय हो........."

Rana Pratap Singh replied Jan 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १९

627 Jan 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

प्रधान संपादक

"आहा आहा आहा ...क्या दोहे रच दिए हैं संजय जी आपने ...मन तृप्त हो गया ...अभी अभी पूरे…"

Rana Pratap Singh replied Jan 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"अत्यंत संवेदन शील पंक्तियाँ है ....एकदम ह्रदय को झकझोर देने में काबिल .....मोहिनी जी…"

Rana Pratap Singh replied Jan 10, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
10 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service