For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इमरान खान's Discussions (790)

Discussions Replied To (588) Replies Latest Activity

"मैंने पहली बार 'हम्द' (खुदा की शान में ग़ज़ल) लिखने की कोशिश की है, कितना कामयाब हुआ ब…"

इमरान खान replied Aug 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"/मेहरबानी हो रही है मेहरबान की. हम मर गए तो फ़िक्र हुई उन्हें जान की../ लाजवाज मतला,…"

इमरान खान replied Aug 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"के बाइसे परवाज़, यही है जहान की, ये शायरी ज़बाँ है किसी बेज़बान की। हम लम्हों की ख्वाह…"

इमरान खान replied Aug 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

मुख्य प्रबंधक

"बहुत ही बेहतर कदम मशविरे में हमेशा खैर होती है। अनेकानेक शुभकामनायें।"

इमरान खान replied Aug 22, 2011 to घोषणा :- ओ बी ओ प्रबंधन दल और कार्यकारिणी दल का गठन शीघ्र

26 Nov 4, 2011
Reply by Afsos Ghazipuri

प्रधान संपादक

"किसे पता था इस जीवन में ऐसा भी दिन आयेगा, मेरे जैसा अज्ञानी भी नाम यहाँ लिखवायेगा। ए…"

इमरान खान replied Aug 21, 2011 to चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता अंक-५ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

23 Aug 27, 2011
Reply by Sanjay Mishra 'Habib'

प्रधान संपादक

"अरे वाह! सहरी के वक्त ही रपट पढने को मिल गई, इसे कहते हैं लगन। तारीख गवाह है के दुनि…"

इमरान खान replied Aug 21, 2011 to चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता अंक-५ का लेखा जोखा (सम्पादकीय रपट)

29 Aug 26, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"बहुत बहुत शुक्रिया, आशीष जी आपका।"

इमरान खान replied Aug 20, 2011 to चित्र से काव्य तक अंक -५

820 Aug 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"दुष्यंत जी! मुझ जैसे नौसिखिये की रचना को आप अगर बिना हस्ताक्षर के पहचान लें, इस से ज…"

इमरान खान replied Aug 20, 2011 to चित्र से काव्य तक अंक -५

820 Aug 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"शुक्रिया"

इमरान खान replied Aug 20, 2011 to चित्र से काव्य तक अंक -५

820 Aug 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"शुक्रिया"

इमरान खान replied Aug 20, 2011 to चित्र से काव्य तक अंक -५

820 Aug 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service