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Dr. Vijai Shanker's Discussions (1,850)

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"कैसे उन्हें बताएं आँखें तरस रही हैं तन को भिगोती बूँदें रिमझिम बरस रही हैं पल कौनसा…"

Dr. Vijai Shanker replied Jul 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-69

463 Jul 9, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"इधर उधर बर्तन रखती पर ,होती बूँदों की ही जीत वो तकती घर की रिसती छत ,नहीं उसे रिमझिम…"

Dr. Vijai Shanker replied Jul 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-69

463 Jul 9, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"वर्षा जो आई रिमझिम के संग धरा खिलती--- बहुत सुन्दर प्रस्तुति , बधाई , आदरणीय सुश्री…"

Dr. Vijai Shanker replied Jul 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-69

463 Jul 9, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"धीरे धीरे , रिमझिम रिमझिम - डॉo विजय शंकर ------------------------------------------…"

Dr. Vijai Shanker replied Jul 8, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-69

463 Jul 9, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

प्रधान संपादक

"प्रसंगतः एक निवेदन है , प्रिय शेख शहजाद जी , 1980 में एक बॉलीवुड फिल्म आई थी " आक्रो…"

Dr. Vijai Shanker replied Jul 2, 2016 to ओबीओ लाईव लघुकथा गोष्ठी अंक-15 में सम्मिलित सभी रचनाएँ

64 Jul 19, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

प्रधान संपादक

"बधाई , मंच को और संचालक जी को ."

Dr. Vijai Shanker replied Jul 2, 2016 to ओबीओ लाईव लघुकथा गोष्ठी अंक-15 में सम्मिलित सभी रचनाएँ

64 Jul 19, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

"घरेलू विषमता , भेद-भाव के विरुद्ध एक अबोथ आक्रोश। प्रस्तुति शानदार , बधाई , आदरणीय य…"

Dr. Vijai Shanker replied Jun 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-15 (विषय: आक्रोश)

955 Jun 30, 2016
Reply by savitamishra

"आदरणीय सुश्री नयना ( आरती ) कानिटकर जी , आपकी विशद टिप्पड़ी के लिए आ हार एवं धन्यवाद,…"

Dr. Vijai Shanker replied Jun 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-15 (विषय: आक्रोश)

955 Jun 30, 2016
Reply by savitamishra

"आदरणीय सुश्री कान्ता रॉय जी , क्या कहें , कुछ कहने लायक है ही नहीं , कुछ लोग एक समस्…"

Dr. Vijai Shanker replied Jun 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-15 (विषय: आक्रोश)

955 Jun 30, 2016
Reply by savitamishra

"दुर्जनों की संगति ऐसी ही होती है। लोग समझते हैं कि दुर्जन खरीद लिया जबकि बिक स्वयं ह…"

Dr. Vijai Shanker replied Jun 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-15 (विषय: आक्रोश)

955 Jun 30, 2016
Reply by savitamishra

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चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
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Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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