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Shekhar Chaturvedi's Discussions (85)

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सदस्य टीम प्रबंधन

"दिलों में सदा इसकी चलती हुक़ूमत |खुदा की है ये दस्तकारी मुहब्बत||   मैं कूचा ए जानां…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 16, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-6(closed now)

556 Dec 17, 2010
Reply by Veerendra Jain

प्रधान संपादक

"योगराज जी एवम नवीन जी, ओBओ २ इवेंट एक बहुत ही सफ़ल आयोजन रहा| इसके लिए आपको ढेरों शु…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 7, 2010 to "OBO महा इवेंट" अंक-२ (रपट)

15 Dec 12, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"Thnx ! Arvind ji ! Main aage bhi pryas karunga |"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 4, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"बड़ा आसान था और तुम बड़े मशहूर हो बैठे हमारा नाम जब आया, बताओ तुम क्यों घबराए मुझे…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 4, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"सबके अपने अपने प्रेम हैं वाह वाह| अच्छा प्रयास है | सादर|"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 4, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"धन्यवाद नवीन जी ! धन्य तो मैं हूँ जो ऐसे वंश में जन्मा | आज दादा जी को गये पूरे २ मह…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 4, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"घर घर में हो बहार तो समझो की प्यार है | ना हो दिलों में खार तो समझो की प्यार है ||…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 4, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"उपर वाले के हाथो में हम सब कठ पुतली जैसे है, जो हुआ, होगा, या होता है, उसपर मत प्रश्…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"ज़माने से मुहौब्बत है, मुहौब्बत से ज़माना है। वाह ! वाह!"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"राम संग वन लखन जाए, तो प्रेम कहते है! उर्मिला दुःख न मनाए, तो प्रेम कहते है ! १ भरत…"

Shekhar Chaturvedi replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

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"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
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रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
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दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
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समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
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"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' shared their blog post on Facebook
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ravi Shukla जी"
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ashok Kumar Raktale जी"
May 24

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