For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ravi Shukla's Discussions (993)

Discussions Replied To (912) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"आरणीया प्राची जी महा उत्‍सव के सफल आयोजन एवं त्‍वरित संकलन के प्रकाशन पर हार्दिक धन्…"

Ravi Shukla replied Aug 11, 2015 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक-58 की समस्त रचनाएं एक साथ

39 Aug 30, 2015
Reply by Janki wahie

"फंदा विषयक बात से आया एक विचार हम भी लिख कर डाल दें रचना का उपहार रचना का उपहार, मगर…"

Ravi Shukla replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय योगराज जी आपने शेर को दाद दी बहुत ही अच्‍छाा लगा शेर कहने की और कोशिश आपकी हौ…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय समर साहब आपको अशआर पसंद आये इसके लिये तहे दिल से शुक्रिया आपका मार्ग दर्शन मि…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत बहुत बधाई सभी ने इस शेर पर दाद दी है आपको भी पसंद आया…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय सचिन जी बहुत बहुत आभार आपका आपक सुधि जनो की दाद पाकर अच्‍छा लगा"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय विनय जी बहुत बहुत आभार आपका मुझे भी यही शेर कहने में एक करुणा का अनुभव हुआ शा…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय मिथिलेश भाई आपको मेरी कोशिश में कुद उम्‍मीद नज़र आई मेरे लिये ये बहुत उत्‍साहज…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय दिनेश भाई घर के हवाले से बात कहने की कोशिश की है उस घर को ही आपस मे बांट लिया…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"अपने  ही  हाथों  से हमने अपना  घर  नीलाम किया यानी सर पर साया था जो उसका काम तमाम कि…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल-क्या करे कोई
"आदरणीय सर्, सादर नमस्कार।  हाँ जी सर्, फिर से कोशिश करती हूँ।"
1 hour ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल ~ "ठहर सी जाती है"
"सादर प्रणाम जी गुरु जी प्रयासरत हूँ हौसला बड़ाने के लिये सहृदय धन्यवाद"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल ~ "ठहर सी जाती है"
"प्रयासरत रहें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post चाँदनी
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी रचना हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल-क्या करे कोई
"//ख़्वाबों में रोज़ रात को आया करे कोई हौले से हाल दिल का सुनाया करे कोई// दोनों मिसरों में…"
3 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल-क्या करे कोई
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् यह मतला क्या सहीह है ? 221 2121 1221 212 ख़्वाबों में रोज़…"
4 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल-क्या करे कोई
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार।सर् हौसला बढ़ाने के लिए आपकी आभारी हूँ।सर् मतला सुधार कर दिखाती…"
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

चाँदनी

चाँदनी ,,,,,,,चमकने लगे हैंकेशों में चाँदी के तारशायदउम्र के सफर का है येआखिरी पड़ावथोड़ा जलताथोड़ा…See More
8 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted a blog post

दिया जला के उसी सम्त फिर हवा न करे (-रूपम कुमार 'मीत')

बह्र:- 1212 1122 1212 112दिया जला के उसी सम्त फिर हवा न करेकिया है जो मेरे दुश्मन ने वो सगा न करे…See More
8 hours ago
Aazi Tamaam posted blog posts
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जग मिटा कर दुख सुनाने- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार ।"
9 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल~ 'इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत'
"जनाब जान गोरखपुरी साहिब आदाब, टिप्पणी पर आपकी प्रतिक्रिया देर से देख पाया हूँ, बहरहाल आपकी कुछेक…"
19 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service