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ASHISH SHRIVASTAVA's Discussions (81)

Discussions Replied To (81) Replies Latest Activity

" विनम्र आभार आदरणीया। आप को यह रचना अच्छी लगी इसके लिए विनम्र आभार।  उचित मार्गदर्शन…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 on Saturday
Reply by Samar kabeer

"पिछली बार के महाउत्सव में आपकी कमी अखर गई। आज आपको यहां पाकर मन हर्षित है। हौसला अफज…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Reply by Samar kabeer

"जब से ओबीओ के प्रतिष्ठित मंच पर आए हैं आपको ही हर महाउत्सव की शुरूआत करते देखा है। इ…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Reply by Samar kabeer

"तहेदिल से शुक्रिया। अच्छी जानकारी के लिए आभार। हमें उम्मीद है कि हम आपके मार्गदर्शन…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Reply by Samar kabeer

"  आदरणीय आप को यह रचना अच्छी लगी इसके लिए विनम्र आभार प्रकट करता हूँ। शुभकामनाओं, आश…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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"आदरणीय नवगीत मन को आनंदित करने वाला है। एक शीर्षक मृगतृष्णा के इतने रूप, इतने विचार…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आपकी रचना में गहरी टीस छिपी हुई है इसे जितने भावपूर्ण तरीके से पढ़ने यह उतनी ह…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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"आदरणीय दोहा-गीत मन को आनंदित करने वाला है। एक शीर्षक मृगतृष्णा के इतने रूप, इतने विच…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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"आदरणीय सोशल मीडिया के दुष्परिणामों पर आपका चिंतन उभरकर आना लाजिमी है। आपको पहली बार…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Reply by Samar kabeer

"कहने को सब ये अपने हैं मानव मानव से हारा.....वाह साब बहुत ही सुंदर तरीके से आपने मान…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सुर और लय आज असंयत हो गये हैं .. गीत अपनी संवेदना से विरत हैं .. उद्विग्न मन की गहराई अभिशप्त…"
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Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'तारीक में…"
45 minutes ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

लुट गयी कैसे रियासत सोचिये । हर तरफ़ होती फ़ज़ीहत सोचिये ।।कुछ यकीं कर चुन लिया था आपको । क्यों हुई…See More
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TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
4 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"//तू मुझे भूल ही नहीं सकता मैं तेरे दिल के एक घाव में हूँ//.......समर भाई साहब,. इस घाव का अनुभव…"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"वाह समर भाई साहब , वाह ! एक से बढ़ कर एक !  //चाह कर भी निकल नहीं सकता क़ैद ऐसा मैं तेरे दाव में…"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब, सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"जनाब गुमनाम साहिब   , ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"मुह तरमा नीलम साहिबा, ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"आपसे मिली भावपूर्ण सराहना के लिए आभारी हूँ , आदरणीय सुशील जी"
5 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"वाह वाह ग़ज़ल अच्छी लगी ..    बधाई "
6 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह अच्छी ग़ज़ल हुई है भाई जी बधाई .. .. . ."
6 hours ago

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