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अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....

प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गण

सादर प्रणाम

आप सभी अवगत हैं कि ओ बी ओ वर्ष 2010 से अनवरत चलते हुए 16 वर्ष से अधिक समय व्यतीत कर चुका है, जो प्रारंभ होता है उसका कभी न कभी अंत भी होता है. 

बहुत ही दुःख और कष्ट के साथ अब ओबीओ को बंद करने का निर्णय लेना पड़ रहा है जिसके पीछे महत्वपूर्ण कारक निम्न हैं...

  • सदस्यों का नगण्य उपस्थिति
  • प्रबंधन सदस्यों के पास समय की कमी
  • संचालन शुल्क में अत्यधिक वृद्धि
  • मासिक संचालन व्यय का संस्थापक द्वारा अकेले अब और वहन करने में असमर्थता
  • अन्यान्य

अतः आप सभी से अनुरोध है कि दिनांक 31 मई 2026 के पूर्व आप अपने साहित्यिक सामग्रियों को कॉपी/पेस्ट कर अपने पास संरक्षित कर लें. 

सादर

ई.गणेश जी बागी

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक

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 सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव:

1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका स्मारिका को अर्द्धवार्षिक पत्रिका का रूप दिया जा सकता है जिसमें अब तक की ओबीओ गोष्ठियों/समूहों/ब्लॉग्स में प्रकाशित चयनित उत्कृष्ट या सभी अप्रूव्ड रचनाओं को लेखक परिचय या संक्षिप्त साक्षात्कार सहित व्यापक स्तर पर प्रकाशित किया जाये। सहयोग राशि में पत्रिका प्रकाशन और वेबसाइट मेंटिनेंस ख़र्च शामिल रहेगा। न्यूनतम या समुचित राशि में सदस्यों में ख़र्च आपस में बॅंट जायेगा।

2- लिखित और वीडियो साक्षात्कार और वीडियो रचना पाठ के बारे में विचार किया जाये किसी प्लेटफार्म (गूगल मीट, स्ट्रीमयार्ड, ज़ूम आदि) का उपयोग करते हुए। इसके लिए मासिक कलैंडर में सूचना दी जा सकती है।

3- एक समूह/गोष्ठी केवल साहित्य के या साहित्यप्रेमी छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों का भी हो, सभी विधाओं के लिए एक ही। न्यूनतम आयु 16 या 18 वर्ष।

4- सोशल मीडिया से लिंक्ड/शेअर्ड रहें मंच के प्रमुख आयोजन।

जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग लगातार आते गए और काम करते गए। कविता कोश की तरह आर्थिक समस्या को खुले योगदान के माध्यम से हल किया जा सकता है। विकिपीडिया तक ऐसे चल रहा है। समस्याएं तो हर जगह आती हैं। बंद करना उनका समाधान नहीं है और अगर यहाँ से सीखकर लोगों ने अपने अपने मठ बनाए हैं तो ये तो गर्व की बात है जैसे पिता के लिए पुत्र का आगे  बढ़ना। अंत में मंच का उद्देश्य भाषा और साहित्य को आगे बढ़ाना ही तो है। 

और https की समस्या को वेबसाइट का यातायात cloudflare से गुजारकर मुफ़्त में हल किया जा सकता है।  आजकल असुरक्षित वेबसाइट बहुत जगह नहीं खुलती विशेषकर कार्यालयीन संगणकों पर। ये भी एक समस्या हो सकती है लोगों के दूर जाने की।

 

उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी है, आदरणीय धर्मेन्द्र जी. 

जय-जय 

 आदरणीय सौरभ साहब, 

अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त न हो और सतत प्रवाहमान बना रहे ।

सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय .. 

आप भी अपने बिन्दु रखें। 

सादर 

  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा  ओ.बी.ओ को.प्रवहमान रखने का संकल्प  दृढ़ है तो,  कोई समाधान निकल  ही आयेगा । समस्या व्यय सम्बन्धी / आर्थिक है तो सदस्य  मिलकर वहन कर सकते है। जहाँ तक सहभागिता का प्रश्न  है, तो साहित्य / काव्य से अनुराग रखने वाले अवश्य सक्रिय रहेंगे, ऐसी मेरी मान्यता है !

...
Dear respected Admin team:
A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was posted. Here is another attempt.

I visited OBO a couple of days ago after a long gap, and I was very saddened.

If I understand it right, Bhai Usmani ji's suggestion has 2 aspects, viz (a) a magazine and (b) an on-going website as at present.
I believe that only (b) will suffice. In this regard, Admin can estimate annual expenditure to run/maintain the website, divide it by the # of expected stable members, add 20% to it for possible over-runs and to build a "reserve fund" for the future. Offer this membership proposal to all members, giving them a 2 to 3 week deadline to send their annual dues. In the future, 2 months before end of operating year, each year, estimate the new prevailing cost for the following year, and accordingly, assess new membership cost. This sounds workable in order to keep esteemed OBO going.
I am open to discuss/amend my suggestion based on response.

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आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

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