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अन्ना हजारे जी हम आपके साथ हैं ,

दोस्तों, अन्ना हजारे जी ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का जो बीड़ा उठाया हैं, मैं उसका समर्थन करते हुए OBO के द्वारा पूरे देश की जनता को आवाह्न करता हूँ की आप भी अन्ना साहब के कदम से कदम मिलकर चले और अपने बहुमूल्य बिचार यहाँ रखे !

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आज इस देश में लोकतंत्र की जगह एक नए तंत्र का जन्म हुआ है " अनशन तंत्र "....

जनता की भावनाओ का फायदा उठाकर पूरी तरह से "ब्लैक मेलिंग" है ये ...
हमारे देश से भ्रष्टाचार मिटना ही चाहिए ये मैं पूरी तरह से मानता हूँ किन्तु इस तरीके का मैं अपनी पूरी ताक़त से विरोध करता हूँ ...

वीरेंदर जैन जी  " अनशन तंत्र ".. का जन्म आज नहीं हुआ और रही बात बिरोध करने की तो आप अवस्य करे यही तो लोकतंत्र हैं

आदरणीय गुरूजी , जो आज हो रहा है इस अनशन तंत्र का जन्म तो आज ही हुआ है इस देश में , लोगों की भावनाओं का सहारा लेकर अपनी जिद्द को थोपने के लिए ...

वीरेंदर जी अनसन आज से पहले बहुत पहले गाँधी जी ने  किया था इतिहास उठाकर देख लीजिये ओ गोरो को भागना चाहते थे और अन्ना इन कालो के अन्दर का गोरा भागना चाहते हैं

जी गुरु जी बिलकुल मैं सहमत हूँ आपकी बात से की गांधीजी अनशन किया करते थे किन्तु इतिहास इस बात का गवाह है की जब भी बात चित से रास्ता निकलता है तो वो कभी अपनी जिद्द पैर नहीं अड़ते थे , साथ ही संसद के विरुद्ध तो बिलकुल भी नहीं |

और वो भी किन बातों पर की पार्किंग कितनी गाड़ियों की होगी या अनशन किस जगह पर होगा...महत्त्वपूर्ण क्या था अनशन हो या अनशन किस जगह हो ??

संविधान के अनुरूप बन रहे लोकपाल बिल को जल्द पास करने के लिए अगर ये अनशन है, तो अच्छा प्रयास है |
याद रखें, ये बिल हमारे आपके द्वारा चुने गये लोकतंत्र के प्रतिनिधियों की सहमति से ही पास होगा|
सभी लोग दिमाग़ लगाओगे तो एक अरब अनशन होगा|
किसी के दवाब मे आ कर लिया गया निर्णय देश / समाज के लिए नुकसान दायक हो सकता है!लोकतंत्र मे दवाब मे नहीं , सहमति से निर्णय लिए जाते हैं|
अगर आप ये सोचते हो की ये सांसद ही ग़लत हैं, भ्रष्ट्राचारी हैं|
तो दोषी कौन?
हम|
आओ इस पर विचार करें, कैसे हम अपने देश के लिए एक अच्छा जनप्रतिनिधि चुनें!
एक स्वच्छ लोकतंत्र बनाएँ!
आप से अनुरोध है,
भारतीय संविधान का आदर करें,
माननीय अन्ना हज़ारे की जनलोकपाल पर बच्चों सी ज़िद्द का साथ ना दें|कोई भी बिल ब्रम्हा की लकीर नही होती, संसद मे प्रस्तुत लोकपाल बिल को आगे अनुभवों के आधार पर correction के लिए विकल्प है|
संयम रखें|
ये हमारा प्यारा विश्वप्रशीध लोकतंत्र है कोई मिश्र या लीबिया नही!

Sujeet ji main aapki baaton se puri tarah sahmat hoon....hum apne sanvidhan kiavhelna karke apni jade khud hi kat rahe hain...

 

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"हार्दिक आभार आपका।"
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"सही कहा आपने "
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"आदरणीय आप और हम आदरणीय हरिओम जी के दोहा छंद के विधान अनुरूप प्रतिक्रिया से लाभान्वित हुए। सादर"
3 hours ago

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"सही सुझाव "
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"आभार"
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"जी हार्दिक धन्यवाद "
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"जैसे  दोहों  को  मिले, सच्चे जोड़ीदार। ऐसे रचनाकार की, यहाँ बहुत दरकार।। प्रतिउत्तर…"
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"   जी! आदरणीय चेतन प्रकाश जी सादर नमन, आपको दोहे चित्ताकर्षक लगे मेरा रचनाकर्म सफल हुआ.…"
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