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Veerendra Jain
  • Male
  • Vadodara , Gujrat
  • India
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Male
City State
Gujarat
Native Place
Durg
Profession
Student
About me
I am an IAS aspirant. I love to read and write.

Veerendra Jain's Blog

वो क्यूँ चुप हैं जिन्हें गुमाँ है ...

एक बार मैं ढूंढने को चला वो लोग जिन्हें है ये गुमाँ

सारे जहाँ से अच्छा है हिन्दोस्ताँ....



मैं हूँ विदर्भ का इक किसान

संग पत्नी दो बच्चों की जान

झेला सूखा और अकाल

उस पर पड़ी कर्जे की मार

ना ज़मीन बची ना मकान

करता हूँ ख़ुदकुशी देता हूँ अपनी जान ...

अब मेरा उनसे है सवाल

जो ड्राइंग रूम में बैठकर

बातें करें दें

इंडिया शाइनिंग की मिसाल



वो क्यूँ चुप थे जिन्हें ये गुमाँ है

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ है

वो क्यूँ चुप हैं… Continue

Posted on October 12, 2011 at 6:00pm

इश्क है तो इश्क का इज़हार होना चाहिये....

 

ज़ख्म खाने को सदा तैयार होना चाहिये

तीर नज़रों का सदा उस पार होना चाहिये |


बन कहे ही जाने कितने हीर रांझे मिट गए ,
इश्क है तो इश्क का इज़हार होना चाहिये |


गर खुदा ना ही मिले तो भी मुझे परवा नहीं ,
साथ मेरे बस मेरा दिलदार होना चाहिये |


डूबती हैं कश्तियाँ साहिल पे भी आके कभी 
झूठ…
Continue

Posted on September 29, 2011 at 1:45pm — 5 Comments

हाइकू

 

1. छब अपनी

   भूली मैं सांवरिया 
   तोसे मिल के 
2. बावरा मन
   पुकारे तेरा नाम 
   सुबह शाम 
3. उड़ा के खाक 
   अपने बदन की 
   पाया ये इश्क 
4. दर्द की पाती
   तुम बिन जीवन 
   रोए ये मन
5. क्या जीत हार 
   तुम बिन सनम 
   सब बेकार 
6. किसी बहाने 
   करूँ तेरी ही बात 
   दोस्तों के…
Continue

Posted on September 11, 2011 at 12:30am — 2 Comments

फिर भी प्यारी ये जिंदगानी है ...

 

साँसे बोझिल हैं , आँखों में पानी है 

फिर भी प्यारी ये जिंदगानी है |

हर सुबह नई परेशानी है ,

फिर भी प्यारी ये जिंदगानी है |

 

कैसी सोची थी कैसी पाई है 

जाना था कहाँ , कहाँ ले आई है |

कौन सोचे और कैसी बितानी है ,

फिर भी प्यारी ये जिंदगानी है…

Continue

Posted on August 24, 2011 at 11:59am — 9 Comments

Comment Wall (15 comments)

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At 1:05am on May 14, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 12:54pm on July 5, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…
Thanks a lot Veerendra ji.
At 9:23am on May 29, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Sir,Apki zarra-nawazi ke liye shukriya.
At 3:11pm on May 14, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 11:10am on May 11, 2011, अमि तेष said…
Thank you ...
At 7:49pm on May 4, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
बहुत बहुत धन्यवाद प्रिय वीरेंद्र जी , आपका प्यार आज के दिन मिला, मैं धन्य हुआ |
At 12:22am on March 29, 2011, अमि तेष said…
I am Sorry Veerendra Ji ......................asalme me naam tik se pad nahi paaya . Shayd kisi Udhed-Bun me tha. Aur mene socha Vandna Didi ka comment hai......
wese aap iski saja bhi de sakte hai....me taiyaar hu......hahaha
At 1:04pm on January 17, 2011, Abhinav Arun said…
thanks verendra jee for your best wishes
At 1:51am on January 1, 2011, धर्मेन्द्र कुमार सिंह said…
बहुत बहुत धन्यवाद वीरेन्द्र भाई।
At 11:56am on October 22, 2010, Julie said…
Veerendra jee... Guni har koi hota hai... Aap bhi hain... So an honour for me tOO... Keep in Touch... Good Day...!!

Regards;
Julie :-)
 
 
 

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