For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

It's Anita Maurya's birthday today!

Anita Maurya
Share

Anita Maurya's Friends

  • DR. HIRDESH CHAUDHARY
  • anand murthy
  • vijay nikore
  • Raj Kumar Rohilla
  • राज़ नवादवी
  • Bishwajit yadav
  • Shashi Mehra
  • मिथिलेश वामनकर
  • HIRALAL KASHYAP
  • Anand kumar Ojha
  • दिनेश मिश्र
  • rajendra kumar
  • Rohit Dubey "योद्धा "
  • Dr Satya Prakash Mehra
  • R. K. PANDEY "RAJ"
 

Anita Maurya's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
Kanpur
Native Place
Ranchi
Profession
business
About me
too much emotional

Anita Maurya's Blog

नज़्म - कहाँ जाऊँ के तेरी याद का

कहाँ जाऊँ के तेरी याद का झोंका नहीं आये,

कि तेरे साथ का गुज़रा कोई लम्हा न तड़पाये,

कभी कपड़ों में मिल जाते हैं तेरे रंग के जादू,

मुझे महका के जाती हैं तेरे ही ब्राण्ड की ख़ुश्बू ,

मेरे हाथों की मेहंदी में तेरा ही अक़्स उभरे है,

मेरी साँसों में भी जानां तेरी ही साँस महके है,

पसंदीदा तुम्हारा जब कोई खाना बनाती हूँ,

तुम्हारे नाम की थाली अलग से मैं लगाती हूँ,

मिला कर दर्द में आँसू तेरा चेहरा बनाती हूँ,

मैं…

Continue

Posted on October 17, 2018 at 9:00am — 4 Comments

बोल देती है बेज़ुबानी भी

2122 1212 22 

बोल देती है बेज़ुबानी भी,

ख़ामशी के कई म'आनी भी,

वो मरासिम बढ़ा के छोड़ गया,

दर्द होता है जाविदानी भी

वक़्त - बेवक़्त ही निकल आये

है अजब आँख का ये पानी भी,

वो सबब है मेरी उदासी का,

उससे है दोस्ती पुरानी भी,

जन्म देकर क़ज़ा तलक लायी,

ज़िन्दगी तेरी मेज़बानी भी,

आज फिर क़ैस को ही मरना पड़ा,

हो गयी ख़त्म ये कहानी भी। .. ...

मौलिक व् अप्रकाशित

Posted on February 16, 2018 at 4:00pm — 4 Comments

मुहब्बत के सफ़र

1222 1222 122

मुहब्बत के सफ़र की दास्ताँ है,

तू मेरी जान है मेरा जहाँ है,

मेरी मुस्कान होठों पर सजी और,

मेरा ग़म मेरी आँखों में निहां है,

शबे -ग़म हिज्र का तुझको सताये,

वो मेरी ज़िन्दगी में भी रवां है,

सफ़र में साथ मेरे तुम हो जानां,

मेरे कदमों के नीचे आसमां है,

लबों से कुछ नहीं कहता कभी वो,

बस उसके लम्स से सबकुछ अयाँ है..

मौलिक व् अप्रकाशित

Posted on February 10, 2018 at 6:41pm — 4 Comments

रंग

२१२२ १२१२ २२

फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन

******************************

रंग ख़ुशियों के कल बदलते ही,

ग़म ने थामा मुझे फिसलते ही,

मैं जो सूरज के ख़्वाब लिखती थी,

ढल गयी हूँ मैं शाम ढलते ही,

राह सच की बहुत ही मुश्किल है,

पाँव थकने लगे हैं चलते ही

वो मुहब्बत पे ख़ाक डाल गया

बुझ गया इक चराग़ जलते ही,

ख़्वाब नाज़ुक हैं काँच के जैसे,

टूट जाते हैं आँख मलते ही…

Continue

Posted on October 25, 2017 at 7:27pm — 10 Comments

Comment Wall (11 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:46pm on February 22, 2013, नादिर ख़ान said…

अनीता जी जन्म दिन की ढेरों शुभकामनायें ...

At 10:55pm on June 26, 2012, Raj Kumar Rohilla said…

bahut achchi rachnayen hai.

At 3:09pm on February 22, 2011, nemichandpuniyachandan said…
 Hearty Felicitations On Your Birthday.
At 1:04pm on February 22, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
MANY MANY HAPPY RETURNS OF THE DAY ANITA DIDI........
At 10:22am on February 22, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 11:59am on December 19, 2010, madan kumar tiwary said…

आप सभी कवि बंधुओं को मेरी सलाह है की अपनी कविताओं का वीडियो , यू ट्यूब पर अपलोड करें । बहुत सारी कवितायें वाकई दिल को छु जाने वाली हैं।

At 11:30pm on November 19, 2010, Shriprakash shukla said…
आदरणीया अनिता जी,
एक सुन्दर ,सुललितम भावपूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें
सादर
श्रीप्रकाश शुक्ल
At 9:11pm on October 31, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 12:38pm on October 29, 2010, Ratnesh Raman Pathak said…

At 8:37am on October 29, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"जी सर सुधार कर लेता हूँ शुक्रिया "
11 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"हुस्न को तो इश्क से प्यारा समझ बैठे थे हम।क्या नफा नुकसान सब किस्सा समझ बैठे थे हम।। देख लेने भर…"
35 minutes ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी प्रणाम बहुत शुक्रिया आपका"
45 minutes ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय रवि भसीन ' शाहिद ' जी आदाब ! बहुत शुक्रिया आपने हौसला बढ़ाया आपने अपना कीमती समय…"
45 minutes ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय लक्ष्मण धामी ' मुसाफ़िर ' जी बहुत बहुत शुक्रिया आप ने समय निकला ग़ज़ल तक आये"
48 minutes ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम ! बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का बाकि सब आपकी कृपा हैं और हमेशा…"
50 minutes ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"सर जी, बहुत शुक्रिया जी"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"जनाब मोहन बेगोवाल जी आदाब,तरही मिसरे पर ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । मतले के दोनों…"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"मेरे लायक़ जो भी सेवा हो मैं हर समय हाज़िर हूँ ।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"//गीत तूने ग़म का ही हमको सुनाया उम्रभर ज़िन्दगी तुझको हसीं नग़्मा समझ बैठे थे हम // मैंने तो कुछ शब्द…"
1 hour ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"बहुत सुंदर ग़ज़ल की बधाई हो"
1 hour ago
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"सुंदर ग़ज़ल की बधाई"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service