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gumnaam pithoragarhi
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Tasdiq Ahmed Khan commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"गुमनाम साहिब, न की मात्रा 1 और ना की 2 होती है |"
6 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"तस्दीक अहमद साहब शुक्रिया आपने ग़ज़ल पर अपनी राय दी ,,,,, न हो या ना मात्रा 1 ही रहती है।।।।। शायद मैं ठीक हूँ ।।।।।"
7 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हो गई उनकी महरबानी है)
"जानेमन-----बेईमान-----मात्रा गिराना कुछ शंका है।। सुधिजन कुछ कहें ,,,,,,"
7 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"जनाब गुमनाम साहिब , ग़ज़ल की अच्छी कोशिश, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं | जनाब समर साहिब के मशवरे पर ग़ौर कीजियेगा | शेर 3 के ऊला मिसरे में एब _तना फुर है (इस _से) इसकी जगह इसके कर सकते हैं | न को ना करने पर मात्रा बढ़ जाएगी |"
10 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं(6) :
"वाह बहुत खूब,,,,"
10 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Rakshita Singh's blog post बेबसी...
"हालातों का सही तस्वीर...."
10 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(212)
"वाह वाह वाह वाह..... कमाल श्रीमान वाह"
10 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"शुक्रिया रक्षिता जी आपको ग़ज़ल अच्छी लगी।।।।।।।"
10 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हो गई उनकी महरबानी है)
"वाह खूब गज़ल हुई है ,,, एक बात पर शंका है समाधान करें, जानेमन और बेईमानी को क्या जाने मन ,,,,, बे इमानी ,,, लिखा जा सकता है । सुधि जान भी शंका समाधान करें।"
10 hours ago
Rakshita Singh commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"आदरणीय गुमनाम जी नमस्कार, सुन्दर पंक्तियाँ हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
21 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हिमगिरी की आँखे नम हैं(कविता)
"वाह बहुत खूब......"
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on Sushil Sarna's blog post स्वप्न ....
"वाकई सपने धीरे धीरे रूप बदलते हैं......"
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"शानदार गीत के लिए बधाई........."
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on Mohammed Arif's blog post कविता--कश्मीर अभी ज़िंदा है भाग-1
"वर्तमान की एकदम सही तस्वीर.....बधाई"
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह बहुत खूब ग़ज़ल कही है..... भाईजी।"
yesterday
gumnaam pithoragarhi commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल .....
"शुक्रिया दोस्तो ....आपके सुझाव का धन्यवाद.... न और ना एक है इसीलिए .....ना ही कहा।"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
pithoragarh
Native Place
pithoragarh
Profession
teaching
About me
sahity ki dunia me jana pahachana naam hona chahta hoon............

gazal

धड़कता है गुनगुनाता है बतियाता है लेकिन

ख़त कि तरह मोबईल महकता नहीं है

--------------------------------------------------------------

मज़हब की किताबों के पैगाम बदल देते हैं

नानक और ईसा के नाम बदल देते हैं

फिर न होगी शिकायत किसी को ज़माने में

लाओ पैगम्बर से राम बदल देते हैं

----------------------------------------------------------------------------

ऐ वाइज़ तू क्यों फिकर में रहता है

सारा निज़ाम उसकी नज़र में रहता है

सिर्फ दैरो हरम नहीं ठिकाना उसका

हर जर्रे में वो हर बशर में रहता है

 

 

 

अप्रकाशित व मौलिक -------------------------------------

Comment Wall (6 comments)

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At 1:22pm on March 24, 2015, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय गुमनाम जी ..महेनी का सक्रीय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से भी हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 2:50pm on March 19, 2015, jaan' gorakhpuri said…

भाई गुमनाम जी 'महीने का सक्रिय सदस्य' के रूप में आप को देखकर अपार हर्ष हो रहा है! बहुत बहुत बधाईयां!!

At 6:46pm on March 18, 2015, pratibha tripathi said…

आदरणीय गुमनाम पिथौरागडी जी आपको इस महीने के सक्रिय सदस्य चुने जाने पर बधाई देती हूँ ,सादर ।

 

At 8:22pm on March 15, 2015, maharshi tripathi said…

आ.गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आपको विगत माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई |

At 12:40pm on March 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
गुमनाम पिथौरागढ़ी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:46pm on January 28, 2015, vijay said…
गुमनाम जी इस ग़ज़ल पर कोई काम हो तो बताएं
आपकी पिछली टिप्पणी से साहस मिला
धन्यवाद

Gumnaam pithoragarhi's Blog

ग़ज़ल .....

22  22  22  22  

गाता जाए एक दिवाना

दुनिया यारो पागलखाना

परदेश बनाया घर लेकिन

घर मे कम है एक सयाना

इससे आगे सोच ना पाऊं

बीबी बच्चे और ठिकाना

केक खिलाया साल बढ़ाए

भूल गया पर उम्र घटाना

एक शिगूफा छोड़ेगा फिर

अबके राजा भौत सयाना

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on June 16, 2018 at 5:52pm — 8 Comments

ग़ज़ल ,,,,,,,,, गुमनाम पिथौरागढ़ी ,,,,,,,

२१२२  २१२२  २१२२  २१२

बेवफा ने जब जफ़ा के दस बहाने रख दिए

हमने भी तब जख्म अपने सब छुपा के रख दिए

भूख भी ये हार बैठी हौसले को देख कर

मुफलिसों ने आज फिर से देख रोजे रख दिए

फोन ने तो चीन डाला बचपना अब बच्चों का

टाक पर दादी के किस्से हमने सारे रख दिए

अब बुजुर्गों की कोई कीमत नहीं संसार में

आश्रमों के द्वार पर बूढ़े बिचारे रख दिए

जालिमों का जोर क्यों बढ़ने लगा है आज कल

यूँ भला सच की जुबां पर…

Continue

Posted on February 25, 2016 at 10:02pm — 3 Comments

एक रुकनी ग़ज़ल ... गुमनाम पिथौरागढ़ी

२१२२ 

ज़िन्दगी भर

मौत का डर 

प्यार तो है

ढाई आँखर

तोड़ पिंजरा

आजमा पर

ये सियासत

एक अजगर

होश जख्मी

हुस्न खंजर

गुमनाम पिथौरागढ़ी

Posted on January 4, 2016 at 7:30pm — 7 Comments

ग़ज़ल ,,,,,,,,, गुमनाम पिथौरागढ़ी ,,,,,,,

२१२  २१२ 

आपका नाम था

मेरा तो जाम था

हर किसी धर्म में

प्यार पैगाम था

रब मिला ही नहीं

उससे कुछ काम था

वो ख़ुदा था कहीं

पर कहीं राम था

थी ख़ुशी ख़ास में

गम मगर आम था

प्रेम इंसानियत

अब भी गुमनाम था

मौलिक व अप्रकाशित

गुमनाम पिथौरागढ़ी

Posted on December 30, 2015 at 7:28pm

 
 
 

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