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चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत
दूर तोहसे एक पल हम रह नइखी सकत
ज़िनगी में त होला बहुते गम
मगर गम-ए-जुदाई हम सह नइखी सकत
चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत

कबो त अइसन होई जब तु अइबू पास हमरा
पर लागेला डर केहू छीन ना ले तोहके हमसे
अब त बस तु बन जा हमार
दिल इहे रब से रो-रो के बाटे कहत
चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत
दूर तोहसे एक पल हम रह नइखी सकत

समंदर में जेतना बा गहराई
प्यार हमार बा ओतने गहरा
मिटा देब हम समुचा बंधन
चाहे लगा लेवे ज़माना कतनो पहरा
पा के रहेम हम अपना सनम के
हमार प्यार बा ई हमसे कहत
चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत
दूर तोहसे एक पल हम रह नइखी सकत

चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत
दूर तोहसे एक पल हम रह नइखी सकत
ज़िनगी में त होला बहुते गम
मगर गम-ए-जुदाई हम सह नइखी सकत
चाहेनी तोहके केतना हम कह नइखी सकत!!!!!!!!!!

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Replies to This Discussion

Raju bhaiya, badhiya rachna ba. Badhai swikar kari.
Raju bhaiya, badhiya rachna ba. Badhai swikar kari.
Dhanywaad Ashish bhai

Babua ,

humar subhkamna sada tohra saathe ba, Zaroor kaamyab hokha.

aap biti saayri ke roop me bahut hi acha prastut kaile bara

Bijay Pathak

 

Dhanywad Chacha jee
bahut badhia sundar

बहुत खूब राजू भाई, नीमन गीत लिखले बानी रौआ, जब कोई के कोई से लगाव हो जाला त हियरा एही तरे डेराला की ..आई हो दादा कही इनका के कोई हमसे छीन ना ले |

बहुत बहुत आभार एह गीत खातिर , लागल रही नीमन जात बानी | जय हो |

बहुत बहुत धन्यवाद गणेश भइया रउरा टिपण्णी खातिर

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