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भोजपुरी साहित्य Discussions (249)

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आइल कवन ज़माना

केसे पूछीं के बतलाई आइल कवन ज़माना, हौले-हौले मरदा बोले डांट के बोले जनाना. बाल कटाके लट बिखराके झट से गोरी पैंट चढ़ावे, काला चश्मा नाक के ऊ…

Started by satish mapatpuri

2 Aug 5, 2010
Reply by Neelam Upadhyaya

ननदी के भईया ना आइल

केसिया सँवरलि - हम रुपवा सजवलीं . गजरा लगवलीं - हाथे मेंहदी रचवलीं. धानी चुनर लहराइल- बाकिर, ननदी के भईया ना आइल. अंखिया से दूर भागे रतिया…

Started by satish mapatpuri

3 Jul 31, 2010
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

बिहार में

आजा घुमाईं देहीं, तोहके बधार में. लेल s लेल राजा, जवानी उधार में. सोना जस रंग हमार, चानी जस बदनवा. पतरी कमर हम्मर, बरछी जस नयनवा. चार सौ चा…

Started by satish mapatpuri

3 Jul 31, 2010
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

की तोहसे प्यार करी ले तोहरे से प्यार करीले ,

f मनवा में त चाह बा हमारो तोहरा के अपनाई, इ जनम का सातों जनमवा तोहरे पे लुटाई , की तोहसे प्यार करी ले तोहरे से प्यार करीले , m तोहरे खातिर…

Started by Rash Bihari Ravi

2 Jul 30, 2010
Reply by satish mapatpuri

मुख्य प्रबंधक

भोजपुरी ग़ज़ल (गनेश जी बागी)

गुड़ खूब खाले ख़ाली, गुल्गुल्ला से परहेज बा, आपने म्यान काटे, राउर तलवार बड़ी तेज बा , गाय के रखवारी देखी ,करत बा कसाई, पाई मोका करी हलाल,…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

13 Jul 30, 2010
Reply by satish mapatpuri

बाली उमिरिया पतली कमरिया चलेलु तू इठालाइ के ,

बाली उमिरिया पतली कमरिया चलेलु तू इठालाइ के , आग लगइबु का हो गोरिया बीच बजरिया आई के , चाल बा तोहर नागिन जइसन अचरा जब सरकावेलू , देख के मु…

Started by Rash Bihari Ravi

5 Jul 29, 2010
Reply by satish mapatpuri

आपन दुःख केकरा से कही ,

आपन दुःख केकरा से कही , इहा के बाटे सुने वाला , हर तरफ अन्धिआर भइल बा , धधकत बा दहेज के ज्वाला , बेटी के बाप त हमहू बानी , बड़ी मुश्किल से…

Started by Rash Bihari Ravi

5 Jul 29, 2010
Reply by kunal roy

मुख्य प्रबंधक

हल्की फुल्की हँसी की बात (भाग 5)

बहुत लोग के ना पता होई हमनी के गुरु जी ( Ravi Kumar Giri ) हस्त रेखा के भी जानकार बानी, एक दिन जगन भाई गएलन गुरु जी से आपन हाथ देखावे,गुरु…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

6 Jul 24, 2010
Reply by samarjeet kumar

काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके ,

काहे हमके सतावे लू गोरी खाली एगो झलक दिखाके , का मिलेला तोहके बोला आइसे में हमके तरपा के , जाने लू तोहरे के चाही ले रखी ले दिल में बसा के ,…

Started by Rash Bihari Ravi

4 Jul 22, 2010
Reply by suryajeet kumar singh

मुख्य प्रबंधक

बाबूजी सिखवले ( भोजपुरी गीत )

बाबूजी सिखवलेs दुःख, सहीहs अपार , कबो ना करिहs बबुआs, केकरो प वारs , गलती ना करिह अइसन,पिटे पड़े कपारs, दुनिया में कुछु ना रही, रह जाई प्यार…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

4 Jul 20, 2010
Reply by Neelam Upadhyaya

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"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
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