For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धार्मिक साहित्य Discussions (167)

← Back to धार्मिक साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

आज नवरात्री के प्रथम दिन माँ भगवती के चरणों में ये शब्दान्जली....

           तोरे भुवन माई आए हैं....                         कर दो, कर दो दया महारानी ||     [१] तुमने दुखियों के दुःख तारे,              …

Started by डॉ. नमन दत्त

1 Mar 13, 2013
Reply by Dr.Prachi Singh

तरस गईयाँ

तरस गईयाँ   मेरी अखियाँ तरस गईयाँ घर आ जा ओ सांवरिया-3 तेरी याद च बरस गईयाँ घर आ जा ओ सांवरिया मेरी अखियाँ तरस ------ (1) दुनियाँ  कैहंदी त…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

1 Jan 16, 2013
Reply by rajesh kumari

असां जोगी हो जाणा

असां जोगी हो जाणा रास न आयी दुनियांदारी,झूठा ठौर ठिकाणाअसां जोगी हो जाणा साईँ असां जोगी हो-2 रास न आयी दुनियांदारी ------------------ (1) त…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

2 Dec 18, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

यमद्वितीया-चित्रगुप्त पूजन पर: चित्रगुप्त भजन --संजीव 'सलिल'

यमद्वितीया-चित्रगुप्त पूजन पर:चित्रगुप्त भजन संजीव 'सलिल'*तुम हो तारनहार*तुम हो तारनहार, परम प्रभु तुम हो तारनहार... *निराकार तुम, चित्र गु…

Started by sanjiv verma 'salil'

2 Dec 4, 2012
Reply by sanjiv verma 'salil'

तेरे खेल नराले

बाबा बालकनाथ भजन तेरे खेल नराले   तेरे खेल नराले ओ बाबा पौणाहारियापौणाहारिया बाबा दूधाधारिया-2तेरे खेल निराले ओ बाबा पौ----(1) धौलगिरी ते…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

2 Nov 26, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

हरिगीतिका

बलवंत, भय-संकटहरण प्रभु, पवनसुत हनुमान हैं। श्रीराम को उर में धरे तप, वीरता के प्राण हैं॥ शिवरूप, दाता ज्ञान के कपि, आप ही गुणवान हैं। से…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

5 Nov 12, 2012
Reply by Saurabh Pandey

माता दुर्गा ये वरदान दे

तुझसे शक्ति मिले, तेरी भक्ति मिले,माता दुर्गा ये वरदान दे | माता हम तेरे बेटे अज्ञानीतेरी पूजा का ढंग नहीं जानें,तूने ममता से पाला है हमको…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

6 Nov 12, 2012
Reply by कुमार गौरव अजीतेन्दु

हनुमान आराधना (रोला छंद पर आधारित)

जय जय श्री हनुमान, शरण हम तेरी आये |हे अंजनि के लाल, कुसुम श्रद्धा के लाये ||जग में सारे दीन, एक तुम ही हो दाता |तेरा सच्चा भक्त, सदा सुख…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

25 Nov 12, 2012
Reply by कुमार गौरव अजीतेन्दु

भजन

भजन  तेरी किरपा जिसपे माता दौड़ा दौड़ा आये  चरण रज माथे लगा जीवन सफल बनाये  तू दयालू रक्षा करती दारिद्र दुःख सारे हरती  तू जगदम्बा तू भवानी…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

0 Nov 8, 2012

करले नैय्या पार (दोहे)

    उपजता द्वेष मन में, क्रोध करो जब आप,         क्रोध आवे जब मन में, करों राम का जाप |     मोह जाल में फंस गये, रहे न कोई साथ,   अकड़े म…

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

3 Nov 8, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
8 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
9 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
14 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
18 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
18 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service