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चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता के अंक 21 का परिणाम

साथियों जैसा की पूर्व में घोषित की गई है कि जनवरी -13 से "चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता" बंद कर दी जायेगी और "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छान्दोत्सव" आयोजित किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नववर्ष 2013 घोषणा - 2 देखें । इस तरह यह परिणाम प्रतियोगिता का अंतिम परिणाम है ।


"चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता" अंक 20 का परिणाम निम्नानुसार है ...


प्रथम स्थान :- कोई रचना चयनित नहीं ।


द्वितीय स्थान :- श्री कुमार गौरव अजितेंदु जी की रचना 
दोहे

1. जानें जो नहिं भूख को, भोग रहे हों राज।
उनको क्या परवाह जब, सड़-गल जाय अनाज॥

2. भारत की तस्वीर ये, चुभती शूल समान।
धरती के आशीष का, हाय! हुआ अपमान॥

3. धरती की पूजा करे, निशिदिन एक किसान।
रोता वो भी देख के, सड़ता गेंहूँ, धान॥

4. भारी सेना भूख की, रोज रही ललकार।
कैसा अपना देश है, सड़े पड़े हथियार॥

5. हँसों को भाने लगा, बगुलोंवाला वेश।
सड़ा नहीं है अन्न ये, सड़ता अपना देश॥

6. ऐसी दुर्गति अन्न की, इतना भारी पाप।
आनेवाली पीढियों, तक जायेगा श्राप॥

7. भंडारण का दोष या, वितरण में हो खोट।
सड़ जाने से अन्न के, लगी देश को चोट॥

8. पंचायत में शोर है, मंडी में सब चोर।
रोता सड़ता अन्न ये, देखे तो किस ओर॥

9. जनता के माथे पड़ी, मँहगाई की मार।
सड़ते छोड़ें अन्न को, नेताजी हरबार॥

तृतीय स्थान :- श्री उमाशंकर मिश्र जी की रचना 
दोहे

चढ़ती चरबी है कहीं, कहीं सूखती खाल|
हियरा उठती टीस है, देख अन्न बदहाल||

अन्न बिना भूखे रहे , जाने कितने लोग|
वो क्यों कर चिंता करें,कुर्सी रहे जो भोग||

रहा खेत खलिहान में, सोना सरिस अनाज|
गोदामों में सड़ रहा, कौन सुने आवाज||

कमी नहीं है अन्न की, मेरा देश महान|
रूप व्यवस्था का लिए, बैठे हैं शैतान ||

दृश्य देख कर रो रहा, अंदर दिल बैचेन|
अन्न उधर है भीगता, इधर भीगते नैन ||

विजेताओं को बहुत बहुत बधाई ।
एडमिन 
ओपन बुक्स ऑनलाइन 

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Replies to This Discussion

दोनों विजेताओं  -- कुमार अजीतेन्दु जी और आदरणीय उमाशंकर भाई--  को उनकी उपलब्धियों के लिए तथा समस्त प्रतिभागियों को उनके सतत रचनाकर्म के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ. ..

ओबीओ पर हुए एक अभिनव प्रयोग को सुचारू रूप से सफलीभूत करने के लिए इस मंच के समस्त सदस्यों, आदरणीय संचालक महोदय, प्रधान सम्पादक तथा मुख्य प्रबन्धक को हार्दिक बधाइयाँ.

हिन्दी भाषा के शास्त्रीय छंदों पर अभी तक हुए तथा अनवरत हो रहे तप सदृश कार्य के लिए ओबीओ का समीचीन सकारात्मक वातावरण सदा प्रभावी और उत्साहवर्द्धक रहे इसकी सदा-सदा अपेक्षा रहेगी.

शुभ-शुभ

आदरणीय गुरुदेव

सादर प्रणाम

आप सहित पूरे ओबीओ परिवार का हार्दिक धन्यवाद जिन्होनें मुझे इस सम्मान के लायक समझा। "चित्र से काव्य तक" में प्रतियोगिता का ये अंतिम अंक था। विजय के साथ इस प्रतियोगिता का अंत वास्तव में सुखद है। आदरणीय उमाशंकर सर को भी बधाई देता हूँ। आपसब का बहुत-बहुत धन्यवाद।

कुमार गौरव जी और आ. उमाशंकर जी दोनों को इस उपलब्धि पर बहुत बहुत बधाई.

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीया प्राची दीदी......

आदरणीय गौरव जी और आदरणीय उमाशंकर मिश्र जी आप दोनों को दोहा छंद पर पुरस्कृत होने पर हार्दिक बधाइयां.

सादर प्रणाम आदरणीय रक्ताले सर...आपका बहुत-बहुत धन्यवाद...आपका स्नेह सर-आँखों पर...

आदरणीय ओ.बी.ओ.के संचालक मंडल, समस्त पाठक गण,माननीय सदस्यगण एवं प्रतिभागिजन आप सभी का आभार व्यक्त करता हूँ प्रिय कुमार अजीतेंदु को हार्दिक बधाई

माननीय सौरभ जी आदरणीया प्राची जी एवं आदरणीय अशोक रक्ताले जी आपके इस प्रेम के प्रति सादर आभार 

प्रतियोगिता में सफलता अर्जित करने पर हार्दिक बधाई स्वीकारे भाई श्री कुमार गौरव अजितेंदु जी और उमा शंकर मिश्र जी 

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