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Comment by vijay nikore on May 10, 2013 at 11:04am

आदरणीया प्राची जी,

इतना मनोहारी दृश्य ! आप भाग्यशाली हैं ! शायद मैं कभी आता ।

ऐसे सुन्दर वातावरण में किसी भी कवि के भाव निर्झरित कैसे न हों,

भगवान के प्रति मानव असीम श्रध्दा से नत-मस्तक कैसे न हो !

अतिशय शुभकामनाओं सहित... सदैव।

विजय

 

Comment by अरुन 'अनन्त' on May 9, 2013 at 10:36pm

आदरणीय गुरुदेव श्री सौरभ सर जी क्या करूँ ऐसा ऐसा दृश देख और आप सभी से मिलने की अपार चाह बढती ही जा रही है. किस्मत में होगा तो आप सभी के दर्शन और प्रकृति से मिलन हो सकेगा.

Comment by अरुन 'अनन्त' on May 9, 2013 at 10:27pm

आदरणीया प्राची दीदी, कोशिश तो यही है कि खुश खबरी पहले आ जाए ताकि वहां उपस्थित हो सकूँ और आयोजन का दोगुना आनंद उठा सकूँ आप सही के साथ.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 9, 2013 at 6:48pm

काश ????

ओह्होह .. अरुण भाई !!

भाई, अभी से आप निर्लिप्त न होने लगिये. कौन जाने आप लड्डू या फिर बर्फ़ी का डब्बा लिये सम्मेलन में उपस्थित हो जायँ.. !

मिठाई कोई हो मीठी ही होती है. .. :-)))


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 9, 2013 at 6:14pm

प्रिय अरुण जी,

इस मनोहारी दृश्य को आप भी अपनी आँखों से प्रत्यक्ष देखें..हम सबकी यही कामना है कि आप खुशखबरी के साथ आयोजन में पधारें.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 9, 2013 at 6:11pm

आदरणीय सौरभ जी,

यह नज़ारा बेहद खूबसूरत है..... और यह फोटो वर्षा ऋतु में एक दिन वर्षा के तुरंत बाद लिया गया है...जब आसमान एकदम साफ़ हो जाता है और प्रकृति अपने स्वच्छतम स्वरूप में पूर्णतः निखरी सी होती है...और तब उस खिड़की पर तितलियाँ भी आती हैं, चिडियाँ भी चहचहाती है.

सादर.

Comment by अरुन 'अनन्त' on May 9, 2013 at 5:00pm

अत्यंत मनोहारी सुन्दर दृश्य काश किसी तरह से यह नज़ारा प्रत्यक्ष देखने का सौभाग्य प्राप्त हो वो भी गुरुजनों एवं मित्रों के संग आहा बात बन जाए.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 9, 2013 at 4:46pm

कुछ दिनों बाद यह नज़ारा हमारी स्मृति-पटल पर अमिट छाप होगा. उस खिड़की को देखना सौभाग्य होगा जो विस्तार को समक्ष करती है.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 9, 2013 at 4:26pm

VIEW OF KUMAON HILLS FROM MIET-KUMAON CAMPUS..

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