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प्रो. विश्वम्भर शुक्ल
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प्रो. विश्वम्भर शुक्ल's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Lucknow-U.P.
Native Place
Lucknow
Profession
Retired Principal,Post Graduate College
About me
Poet

प्रो. विश्वम्भर शुक्ल's Blog

दर्द के समंदर देखे !

दर्द के खूब समंदर देखे 
हमने बाहर नहीं अंदर देखे 

आह को वाह में बदल दें वो 
एक से एक धुरंधर देखे 

देवता के गुनाह देख लिए 
जब कथाओं में चंदर देखे 

लोग उंगली पे उठा लेते है 
कृष्ण देखे हैं ,पुरंदर देखे 

फंस ही जाते हैं अपनी चालों में 
जाल देखे हैं ,मछंदर देखे 
_____________प्रो.विश्वम्भर शुक्ल 

(मौलिक और अप्रकाशित )

Posted on October 6, 2013 at 10:00pm — 12 Comments

कुछ दोहे भोर के ~~

मन सिहरा ,ठहरा तनिक ,देखा अप्रतिम रूप ,

भोर सुहानी ,सहचरी ,पसर गई लो, धूप !

रश्मि-रश्मि मे ऊर्जा और सुनहरा घाम,

बिखर गया है स्वर्ण-सुख लो समेट बिन दाम !

सुन किलकारी भोर की विहंसी निशि की कोख ,

तिमिर गया ,मुखरित हुआ जीवन में आलोक !

उगा भाल पर बिंदु सा लो सूरज अरुणाभ ,

अब निंदिया की गोद में रहा कौन सा लाभ !

_______________प्रो.विश्वम्भर शुक्ल ,लखनऊ 

(मौलिक और अप्रकाशित )

Posted on July 12, 2013 at 11:00pm — 11 Comments

गीतिका ~

चेहरे पर चेहरे जड़े हैं,

अक्स लोगों से बड़े हैं !

खो गई पहचान जब से 
जहाँ थे अब तक खड़े हैं !

अभी फूलों मे महक है 

इम्तहां आगे कड़े हैं !

ठोकरों से दोस्ती है ?
राह मे पत्थर पड़े हैं !

इन्हें कुछ कहना नहीं 
दर्द हैं ,चिकने घड़े हैं !
_______________प्रो. विश्वम्भर शुक्ल 

(मौलिक और अप्रकाशित )

Posted on July 9, 2013 at 9:30pm — 13 Comments

मुक्तक ~

१~

बदलता अब कौन अपना आचरण है,

मधुर-स्मिति दर्द का ही आवरण है,

अनकहे शब्दों ने ढूँढी राह है ये 

बादलों के बीच मे कोई किरण है !



२~

कोई छोटे हैं तो कोई बड़े हैं न,

हम सभी मुखौटे लिए खड़े हैं न,

असली चेहरा न तलाशिये हुज़ूर 

एक चेहरे पर कई चेहरे जड़े हैं न !

३~

एक अनबुझी प्यास लिए हम गहरे कुएं हुए,

कभी लगी जो आग मित्र,हम उठते धुंएं हुए,

सजे हुए हैं हम…

Continue

Posted on July 5, 2013 at 12:25am — 4 Comments

Comment Wall (3 comments)

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At 12:59pm on July 13, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

ओ0बी0ओ0 लखनऊ चैप्टर, लखनऊ
मासिक गोष्ठी--- on date--14.07.2013 at 3.30 pm
आयोजन स्थल का पता-
‘‘युनिवर्सल कोचिंग, वैभव बाजार के ठीक सामने
सर्वोदय नगर, लखनऊ, निकट रहीम नगर कुकरैल पुल
वाया...गोल मार्केट महानगर चौराहे से दाहिने-पूर्व की ओर
...आवागमन का साधन...पैडल रिक्शा
...सम्पर्क सूत्रः-
आदित्य चतुर्वेदी......9839134316
केवल प्रसाद.............9415541353
बृजेश नीरज............9838878270

At 8:23pm on May 9, 2013, बृजेश नीरज said…

Welcome!

At 10:37pm on May 6, 2013, कल्पना रामानी said…

विश्वंभर जी, हार्दिक स्वागत आपका, अब हम यहाँ भी आपकी रचनाओं का आनंद ले सकेंगे...

 
 
 

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