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Aditya lok
  • 31, Male
  • bihar
  • India
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Samar kabeer commented on Aditya lok's blog post अच्छा होता...
"जनाब आदित्य जी आदाब, अगर ये ग़ज़ल है तो अभी समय चाहती है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 13, 2021
Aditya lok posted a blog post

अच्छा होता...

कुछ रोज ठहर जाते तो अच्छा होता,हमें छोड़ जाने से मुकर जाते तो अच्छा होता,यूं तो कई लोग तन्हा सफर करते हैं लेकिन,इस सफर में तुम भी साथ आते तो अच्छा होता...वैसे तो तेरे दुपट्टे के सिरहाने पर भी नींद अच्छी आती है,पर तेरी गोद में सर रखकर सोते तो अच्छा होता,गुज़ार तो सकते ही है तेरे इंतजार में ये जिंदगी,मगर वक्त रहते तुम मिल जाते तो अच्छा होता...हम तो कहने को थे कि तुम हीं हो हमारी आखिरी मंज़िल,लेकिन तुम भी यकीन करते तो अच्छा होता,यूं तो कई लोग तन्हा सफर करते हैं लेकिन,इस सफर में तुम भी साथ आते तो…See More
Feb 12, 2021
Aditya lok updated their profile
Feb 12, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
Bihar
Native Place
Bettiah
Profession
Journalist
About me
My name is Aditya Lok Pathak aka Xenohadi (pen name). Journalist by profession, writer by heart. Graduate in mass communications. Currently working on my own PR start-up in my hometown Bettiah, Bihar.

Aditya lok's Blog

अच्छा होता...

कुछ रोज ठहर जाते तो अच्छा होता,

हमें छोड़ जाने से मुकर जाते तो अच्छा होता,

यूं तो कई लोग तन्हा सफर करते हैं लेकिन,

इस सफर में तुम भी साथ आते तो अच्छा होता...

वैसे तो तेरे दुपट्टे के सिरहाने पर भी नींद अच्छी आती है,

पर तेरी गोद में सर रखकर सोते तो अच्छा होता,

गुज़ार तो सकते ही है तेरे इंतजार में ये जिंदगी,

मगर वक्त रहते तुम मिल जाते तो अच्छा होता...

हम तो कहने को थे कि तुम हीं हो हमारी आखिरी मंज़िल,

लेकिन तुम भी…

Continue

Posted on February 12, 2021 at 10:02am — 1 Comment

वो सवाल...

क्या जवाब दूँ तुम्हे मैं...ये जो सवाल है तुम्हारा...

हर रोज्र हारता हूँ...यहीं तो हाल है हमारा...

 

ये ख्वाब हीं बुरे हैं...

या फिर बुरा सा मैं हूँ...

सौ बार सोचता हुँ...

कुछ तो भला सा कह दूँ..

 

हर वक़्त एक सपना...

हाफीज्र सदा है मेरे...

कुछ पास है हमारे...

कुछ पास में है तेरे...

 

मै वक़्त का मुसाफिर...

अब वक़्त ढुँढता…

Continue

Posted on January 16, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

तुम...

हर रोज कहानी तेरी...

हर रोज तेरा अफसाना...

हम गूंथ रहे ख्वाबों में...

इस दिल का ताना बाना...

बस एक वो तेरी …

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Posted on January 16, 2017 at 12:30pm — 3 Comments

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