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Pankaj sagar
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"आद0 पंकज जी सादर अभिवादन, पहली बार आपसे रूबरू हो रहा हूँ, भासव अच्छे है, पर कुछ जगह टंकण त्रुटि और शब्द कल पर आपको अभी काम करना है।शेष शुभ शुभ। बधाई"
Oct 2, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"आद0 पंकज जी सादर अभिवादन, पहली बार आपसे रूबरू हो रहा हूँ, भासव अच्छे है, पर कुछ जगह टंकण त्रुटि और शब्द कल पर आपको अभी काम करना है।शेष शुभ शुभ। बधाई"
Oct 2, 2017
Sheikh Shahzad Usmani commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"बढ़िया प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीण परिवेश की सैर कराती बढ़िया रचना के लिए सादर हार्दिक बधाई आदरणीय पंकज सागर जी। वरिष्ठजन की उपरोक्त टिप्पणियों पर ग़ौर फ़रमाइयेगा।"
Sep 29, 2017
Pankaj sagar commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"जी धन्यवाद जी"
Sep 28, 2017
Samar kabeer commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"जनाब पंकज सागर जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें । आपको अभी बहुत अध्यन की आवश्यकता है,ओबीओ पर मौजूद आलेखों का लाभ लें ।"
Sep 28, 2017
Mohammed Arif commented on Pankaj sagar's blog post मेरा गांव मेरा परिवार
"प्रिय पंकज जी आदाब, बड़ी निश्छलता लिए आपकी रचना है । भावों का अच्छा स्फुटन हुआ है । काश, आपकी यह रचना किसी अच्छे से छंद में बँधी होती । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 28, 2017
Pankaj sagar posted a blog post

मेरा गांव मेरा परिवार

गाँव की चंचल हवा को देखो,मस्त मौली इस फिजा को देखोइसमें है चाहत के गीत,निश्छल प्रेम विश्वास और प्रीत |इसमें है चाहत की नैया , बातो में विश्वाश है भैया |सबके साथ है सबकी मैया ,अपना भी परिवार है भैया|नाना नानी बड़े सलोने,मामी भी है इन्ही घरो में |चाची जी का प्यार तो देखो,भाभी का तकरार तो देखो|बड़ी माँ भी बड़ी सलोनी,प्यार से देती खाना पानी|छोटी बहाना भी है संग में, उसका प्यार है अपने रंग में|सुबह को झगडा शाम को प्यार,खिल उठता अपना संसार|अभी बने हम गिफ्ट देवैया,छुपा छुपा सा प्यार है भैया |सबके साथ है…See More
Sep 27, 2017
Pankaj sagar shared their blog post on Facebook
Sep 22, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi up
Native Place
Chakbatul Jahurabad ghazipur
Profession
Poetry
About me
Simpale person

Pankaj sagar's Blog

मेरा गांव मेरा परिवार

गाँव की चंचल हवा को देखो,मस्त मौली इस फिजा को देखो

इसमें है चाहत के गीत,निश्छल प्रेम विश्वास और प्रीत |

इसमें है चाहत की नैया , बातो में विश्वाश है भैया |

सबके साथ है सबकी मैया ,अपना भी परिवार है भैया|

नाना नानी बड़े सलोने,मामी भी है इन्ही घरो में |

चाची जी का प्यार तो देखो,भाभी का तकरार तो देखो|

बड़ी माँ भी बड़ी सलोनी,प्यार से देती खाना पानी|

छोटी बहाना भी है संग में, उसका प्यार है अपने रंग में|

सुबह को झगडा शाम को प्यार,खिल उठता अपना संसार|

अभी बने हम… Continue

Posted on September 27, 2017 at 11:12am — 6 Comments

आज की प्रेम कहानी

         प्रेम कहानी

मेरी भी है प्रेम कहानी,जिसमे राजा और है रानी|

मिल कर खोला दिल का राज ,नदी किनारे की है बात|

कहा तुम्हारा साथ चाहिए ,प्यार भरे ज़ज्बात चाहिए|

दिल की बाते देना बोल ,नीम नहीं मिश्री के घोल|

मृग नैनी सु अधरों वाली ,तेरे बिना मै खाली खाली|

मेरी भी है प्रेम  कहानी ,जिसमे राजा और है रानी|

लड़की का जवाब

यही बात तो सब है कहते ,साथ हमारे कभी न रहते\

कभी यहाँ है कभी वहाँ है ,रब ही जाने कहा कहा है|

कभी है राधा कभी…

Continue

Posted on April 17, 2017 at 12:53pm — 5 Comments

प्रेम कहानी

         प्रेम कहानी

मेरी भी है प्रेम कहानी,जिसमे राजा और है रानी|

मिल कर खोला दिल का राज ,नदी किनारे की है बात|

कहा तुम्हारा साथ चाहिए ,प्यार भरे ज़ज्बात चाहिए|

दिल की बाते देना बोल ,नीम नहीं मिश्री के घोल|

मृग नैनी सु अधरों वाली ,तेरे बिना मै खाली खाली|

मेरी भी है प्रेम  कहानी ,जिसमे राजा और है रानी|

लड़की का जवाब

यही बात तो सब है कहते ,साथ हमारे कभी न रहते\

कभी यहाँ है कभी वहाँ है ,रब ही जाने कहा कहा है|

कभी है राधा कभी…

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Posted on February 20, 2016 at 4:00pm — 1 Comment

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At 2:10am on January 1, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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नवगीत : जग-जगती में // -- सौरभ

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"आदरणीय अजयजी छंदों की प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद आभार।"
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