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Neeta Tayal's Blog – July 2020 Archive (7)

देशभक्ति

छोटी सी इस बात पर ,

हुजूर जरा गौर करें।

देश के लिए कुछ करना हो तो,

खुद से ही शुरुआत करें।।

ना सोचें कौन साथ देगा,

फर्ज अपना अदा करें।

देश के लिए,देश की खातिर,

खुद को ही अर्पण करें।।

हर जरूरतमंद के लिए ,

मसीहा बन खड़े रहें।

गर जरूरत आन पड़े तो,

जान भी कुरबां करें।।

देशभक्ति दिल में जगाकर,

खुद में परिवर्तन करें।

स्वदेशी को अपनाएं और

विदेशी का बहिष्कार…

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Added by Neeta Tayal on July 31, 2020 at 1:30pm — 2 Comments

मनालें तीज का त्यौहार गीत

चलो री सखियां,सावन आ गया,

अबकी फिर एक बार,

मनालें तीज का त्यौहार...

हरियाली प्रकृति के जैसे,

हरे कपड़े पहनें आज ,

काजल ,बिंदिया ,चूड़ी आदि से

करके सोलह श्रृंगार।

मनालें तीज...

गोरे- गोरे हाथों में,

अरे ,मेंहदी लगा लें आज।

मिल जुलकर सब झूला झुलें,

गावें गीत मल्हार।।

मनालें तीज...

बागों में जैसे नाचे मोर,

हम भी नाच लें आज।

सखी सहेलियों के संग मिलकर,

धूम मचा लें…

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Added by Neeta Tayal on July 21, 2020 at 4:30pm — No Comments

भाई बहिन का सतरंगी प्यार

इंद्रधनुष के रंगों जैसा ,

भाई बहन का प्यार।

भाई बहिन के रिश्ते के,

सात रंग आधार।।

बैंगनी जामुन के जैसे,

मीठा, कसैला इनका प्यार।

कभी झगड़ते ,कभी लुटाते,

बरबस एक दूजे पर प्यार।।

गहरे नीले स्याही के दाग़,

एक दूजे पर डाला करते।

बेवजह चिड़ाते एक दूजे को,

मन ही मन फिर पछताते।।

नीले नीले आसमान को,

बचपन में साथ निहारा करते।

कभी कभी तो रातों में बस,

आसमान में तारे गिनते।।।

हरे भरे घर - परिवार…

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Added by Neeta Tayal on July 18, 2020 at 4:34pm — 4 Comments

ससुराल और मायका

ससुराल और मायके के बीच ,

दो गलियां भी मीलों दूरी है।

एक शहर में ससुराल मायका,

फिर भी लंबी दूरी है।।

ससुराल से मायके जाने में,

इंतजार बहुत जरूरी है।

मायके जाने के लिए,

घरवालों की परमिशन भी जरूरी है।।

जब भी मां का फोन आए,

बार बार बस ये कहती है।

बहुत दिन हो गए अबकी,

तुझसे मिलने की इच्छा मेरी है।।

कैसे आ जाऊं मैं मम्मी,

बच्चों की पढ़ाई चल रही है।

घर के सारे कामों की,

जिम्मेदारी भी तो मेरी…

Continue

Added by Neeta Tayal on July 18, 2020 at 4:32pm — 2 Comments

मन की सुंदरता बलवान

तन की सुंदरता तो प्यारे,

कुछ दिन की है मेहमान।

सुन्दर गोरी चमड़ी से ज्यादा,

मन की सुंदरता है बलवान।।

मन विकार मुक्त तुम रखकर,

त्यागो अपना अहं अज्ञान।

मृदुभाषी सौहाद्र व्यवहार से,

बना लो अपनी छवि महान।।

तन हो सुन्दर और मन हो मैला,

मेले में भी रह जाएगा अकेला।

जीवन हो जाएगा बोझिल,

खुशियां हो जाएंगी सब ओझिल।।

जब पंचतत्व में मिल जाएगा,

नश्वर शरीर तेरा नादान।

सद्व्यवहार सद्गुणों से तेरी,

ख्याति…

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Added by Neeta Tayal on July 17, 2020 at 7:00am — 3 Comments

रोटी

जीवित रहने के लिए जीव,

रहता है जिस पर निर्भर।

आटे से बनती है जो और

गोल गोल जिसकी सूरत।।

सही पहचाने नाम है उसका,

कहते हैं सब रोटी।

मम्मी के हाथों की रोटी,

बड़े स्वाद की होती।।

भूखे को मिल जाए जो रोटी,

तो त्रप्ति उसको होती।

आत्मनिर्भर बनने के लिए,

कमानी पड़ती है रोजी रोटी।।

भूल ना जाना तुम ये बात,

जब भी पकाओ तुम रोटी।

सबसे पहले गाय की रोटी,

और अंत में कुत्ते की रोटी।।

मानव की मूल…

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Added by Neeta Tayal on July 11, 2020 at 6:36am — 2 Comments

कोरोना और सावन

सखी री, जे कोरोना लै गयौ,

सावन की बहार।

ना उमंग के बादल घुमड़ें,

ना उत्साह की फुहार।।

अब के सावन ऐसे लागै,

बिन शक्कर की चाय।

ना बागों में झूले पड़ रहे,

ना सेल कौ परचम लहराऐ।।

तीज त्यौहार अबके सावन के,

सब फीके फीके लागैं।

सखी री, अब तोसे मिलने कूं,

जियौ मेरौ तरसो जावै।।

भाई बहन राखी त्यौहार अब,

पहले जैसौ कैसे मनावें?

हरियाली तीज पर सखियां अब,

गीत मल्हार भी कैसे गावें?

अपने कान्हा के दर्शन कूं,

मेरौ…

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Added by Neeta Tayal on July 8, 2020 at 10:00am — 3 Comments

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