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Rita Singh 'Sarjana"'s Blog (2)

खाली हाथ

आज वह (मानव )
पंचभूत में विलीन हो गया
कुछ भी तो नहीं ले जा सका
सबकुछ
जहाँ का तहां विद्यमान हैं
जब जीवन था
तब उसे फुर्सत था कहाँ ?
न संतुष्टि थी
न खुशिया
नित नए खोज में उलझे
वह प्राणी
भाग रहा था
परन्तु आज सबकुछ
ख़त्म हो गया
खाली हाथ आया था
खाली हाथ ही चला गया l

Added by Rita Singh 'Sarjana" on April 6, 2012 at 9:30pm — 20 Comments

हाइकु

हाइकु

*******

देकर दवा

मत देना जहर

करना दुआ



*************

बीमार मन

प्रदूषित शरीर

घायल सब

***********…

Continue

Added by Rita Singh 'Sarjana" on March 31, 2012 at 6:30pm — 5 Comments

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