For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रंग काला :

जाने कितने रंग सृष्टि के
अद्भुत लेकिन है रंग काला

काली अलकें काली पलकें
काले नयन लगें मधुशाला
काला भँवरा
हुआ मतवाला

काला टीका नज़र उतारे
काला धागा पाँव सँवारे
काली रैना चंदा ढूंढें
अपना शिवाला

काले में हैं सत्य के साये
हर उजास के पाप समाए
रैन कुटीर सृष्टि की शाला
रंग सपनों को
भाए काला

काले से तो भय व्यर्थ है
इसमें जीवन का अर्थ है
आदि अंत का ये है प्याला
हर यथार्थ को
इसने पाला

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 553

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on June 3, 2020 at 9:09pm

आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी सृजन के भावों पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। कुछ तकनीकी व्यवधान के चलते मैं आभार व्यक्त न कर सका। इसके लिए क्षमा चाहूंगा। सादर ।

Comment by Sushil Sarna on June 3, 2020 at 9:09pm

आदरणीय Samar kabeer जी सृजन के भावों पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। कुछ तकनीकी व्यवधान के चलते मैं आभार व्यक्त न कर सका। इसके लिए क्षमा चाहूंगा। सादर ।

Comment by Sushil Sarna on June 3, 2020 at 9:08pm

आद0 Rakshita Singh  जी सृजन के भावों पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। कुछ तकनीकी व्यवधान के चलते मैं आभार व्यक्त न कर सका। इसके लिए क्षमा चाहूंगा। सादर ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on May 25, 2020 at 8:47am

आ. भाई सुशील जी, अच्छी कविता हुई है। हार्दिक बधाई ।

Comment by Samar kabeer on May 25, 2020 at 6:24am

जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी कविता हुई है, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by रक्षिता सिंह on May 24, 2020 at 3:29pm

आदरणीय सुशील जी नमस्कार, 

बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ ... 

वास्तव  में काले रंग की यह भी विशेषता है कि इस पर कोई और रंग नहीं चढ़ता !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय शाहज़ाद उस्मानी साहब , नमस्कार। हौसला अफजाई का बहुत शुक्रिया।"
43 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"अजय गुप्ता जी, आपका सुझाव भी अच्छा लगा, इस पर विचार करती हूॅं आपने दूसरे मिसरे पर भी ध्यान दिया।…"
46 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"आदाब। सत्य और सत्य के चारों ओर के वातावरण, परिदृश्य और हालात शाब्दिक करती रचना हेतु हार्दिक बधाई…"
48 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"बहुत शुक्रिया जी "
50 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदाब। गिरह वाला शे'अर अच्छा लगा जनाब दयाराम मेठानी जी। "
52 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"वाह। अंतिम शे'अर में बढ़िया प्रयोग आदरणीय अजय जी।"
56 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदाब। गिरह वाले बढ़िया शे'अर के साथ अच्छी कोशिश। कहते हैं ग़ज़ल को पढ़कर या गाकर देखने से दोष…"
58 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी ,  अति सुंदर , हार्दिक बधाई। आम की ज्यादा तारीफ उचित है। आखिर फलों का राजा…"
59 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदाब। हमें भी मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तिलकराज कपूर जी।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदाब। बढ़िया गिरह के साथ अच्छी ग़ज़ल मुहतरमा मंजीत कौर जी।"
1 hour ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय शेख शहजादजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।  छंदोत्सव में आपकी उपस्थिति के लिए पुनः…"
1 hour ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी , हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।  संशोधित चौपाई पोस्ट कर दिया हूँ।"
1 hour ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service