For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक और दास्ताँ हुई

21 21 21 21 2

एक और दास्तां सुनो

एक और खूँ चकां हुई

एक और दर्द बड़ गया

एक और राज़दाँ हुई

एक और दाग लग गया

एक और जाँ निहाँ हुई

एक और रूह जम गई

एक और ख़त्म जाँ हुई

एक और आग लग गई

एक और लौ तवाँ हुई

एक और फूल आ गया

एक और सब्ज माँ हुई

एक और हादसा हुआ

एक और बे अमाँ हुई

एक और बचपना गया

एक और रूह जवाँ हुई

एक और अश्क पी गये

एक और खुश्क याँ हुई

एक और मौजिजा हुआ

एक और अर्ज़ हाँ हुई

एक और इश्क में सनम

एक और दास्ताँ हुई................. 

(मौलिक व अप्रकाशित)

✍ आज़ी तमाम.................. 

Views: 116

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Aazi Tamaam on February 19, 2021 at 10:07pm

सादर प्रणाम आदरणीय समर गुरु जी

शुक्रिया गुरु जी अरकान के विषय में आगे से ध्यान रखूँगा

मार्गदर्शन करते रहें

धन्यवाद

Comment by Samar kabeer on February 19, 2021 at 8:30pm

अध्यनरत रहें,सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अभी अशआर के कथ्य और रब्त को लेकर आपको बहुत मिहनत करना है ।

दूसरी बात ये कि आपने अरकान भी ग़लत लिखे हैं,इसके अरकान हैं:-

212 1212 12

Comment by Aazi Tamaam on February 18, 2021 at 10:22pm

आदरणीय समर गुरु जी सादर प्रणाम

जी गुरु जी में अध्यनरत हूँ साथ साथ लिख भी रहा हूँ

लिखता तो मैं अपने भावों को काफी समय से था बस मुझे विधा का पता नहीं था

आपके द्वारा सुझाई गई किताब " ग़ज़ल की बाबत " बहुत ही सार्थक साबित हो रही है

मात्राओं, बहर, अलिफ़ वस्ल, इज़ाफत आदि की जानकारी अब होने लगी है थोड़ी थोड़ी हाँ कुछ लफ़्ज़ों को लिखने में नुक्ता आदि का रह जाना और भी बारीकियों पर ध्यान दे रहा हूँ

गुरु जी आपका हृदय से धन्यवाद आशीर्वाद बनाये रक्खें............ 

Comment by Samar kabeer on February 18, 2021 at 7:42pm

जनाब आज़ी तमाम जी आदाब, अभी आपको बहुत अध्यन की ज़रूरत है, इस प्रस्तुति पर बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Veena Gupta commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post नग़्मा (घटा ग़मों की वही....)
" ख़ूबसूरत नग़मा,मुबारकबाद क़ुबूल करें"
6 hours ago
Ambrish Singh Baghel and Manoj Kumar Jha are now friends
11 hours ago
Ambrish Singh Baghel updated their profile
11 hours ago
Aazi Tamaam posted a blog post

"कोई क्यों रहे "

1212 222 212उठान में भी कोई क्यों रहेढलान में भी कोई क्यों रहेदुकान ए दिल ही जब हो लुट चुकीउड़ान…See More
21 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर्, पता नहीं कहाँ से सर् इतना लंबा खिंच गया । न ही एडिट का आप्शन आ रहा है कि मैं…"
23 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् हौसला बढ़ाने तथा इस्लाह देने के लिए आपकी आभारी…"
23 hours ago
Aazi Tamaam posted photos
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"आज की इस लघुकथा गोष्ठी 71 में हमने एक बहुआयामी विषयांतर्गत विभिन्न कथानकों पर रचनाओं की सहभागिता का…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"प्रदत्त विषयांतर्गत पहले मैंने एक अन्य लघुकथा भी लिखी थी जो फेसबुक की एक चित्राधारित प्रतियोगिता…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया बबीता गुप्ता जी।"
yesterday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत बढ़िया रचना। बहुत-बहुत बधाई आदरणीय मनन सरजी।"
yesterday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"उम्दा रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय शेख सरजी। "
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service