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21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष

21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष.....

प्रतिदिन योग करे जो कोई,
वो रोगों से दूर रहे,
तन मन में स्फूर्ती आये ,
चेहरे पेे चमकता नूर रहे,
जो सुबह सुबह भस्त्रिका करे,
और शुद्ध वायु तन मन में भरे,
जो करे नित्य प्रति शशकासन,
उत्साह से वो भरपूर रहे,
अनुलोम विलोम , कपालभाति,
सुखमय जीवन की थाती है,
ना उदर रोग ना तन मन में,
कोई पीड़ा रह पाती है,
रह खाली पेट करें योगा ,
बस इतना ध्यान जरूर रहे.
हो नाम देश का ऊँचा तब,
हम करें रोज ही योगा जब,
अग्रणी योग में भी हैं हम,
सब कहें योग में ही है दम,
भारत हो जग का योग गुरू,
हाँ, स्वयं में यही गुरूर रहे.

अजय शर्मा अज्ञात
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment

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Comment by रामबली गुप्ता on July 6, 2017 at 4:39pm
आद0 अजय कुमार जी योग विषय को लेकर अच्छा प्रयास हुआ है। बधाई स्वीकार करें। शिल्प और प्रवाह के दृष्टिकोण से अभी आपको काफी प्रयास करना होगा साथ शब्दकलों को भी साधने का प्रयास करें।
शुभेक्षाएँ
Comment by Samar kabeer on June 30, 2017 at 6:54pm
जनाब अजय कुमार शर्मा जी आदाब,योग दिवस पर बहुत अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

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