For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मन की मस्ती ,
तन की चाहत ,
आता हैं सावन ,
मिलती हैं राहत ,
रिमझिम रिमझिम ,
बरसे हैं बादल ,
तड़पे हैं दिल  ,
बेकरारी का आलम ,
पिया पिया बोले ,
मन का पपिहरा ,
होवे पागल मन ,
तडपाये जियरा ,
जब सावन आये ,
हरियाली लाये ,
मन मस्तिष्क  में ,
ख्याल ये लाये ,
मन की मस्ती ,
तन की चाहत ,
आता हैं सावन ,
मिलती हैं राहत ,

Views: 835

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rash Bihari Ravi on July 17, 2011 at 1:01pm
dhanyabad atendra ji
Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on July 16, 2011 at 10:43am
सुन्दर रचना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
                                 अतेन्द्र कुमार सिंह 'रवि
Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on July 16, 2011 at 10:42am
गुरु जी सादर प्रणाम ,सावन के अईते मन में मस्ती जाग गइल अउर रिमझिम रिमझिम बादल बरसे लागल ता मन  तडपे लागल, पागल मन क पपिहरा तडपावे लागल अउर सावन का हरिआली देखिके आपके मन कहे लागल
                                                 मन की मस्ती ,
                                                 तन की चाहत ,
                                                 आता हैं सावन ,
                                                 मिलती हैं राहत , 
 
                                                   अतेन्द्र कुमार सिंह 'रवि'  
Comment by Rash Bihari Ravi on July 15, 2011 at 12:17pm
aapasabhi ko dhanyabad
Comment by Lata R.Ojha on July 15, 2011 at 12:05pm
सुन्दर अभिव्यक्ति रवि जी :)
Comment by satish mapatpuri on July 14, 2011 at 11:46pm
तन - मन और सावन ------------------ गुरूजी, आपकी यह रचना मन को तरोताजा करने में  समर्थ है. बधाई.
Comment by Neelam Upadhyaya on July 13, 2011 at 10:49am
Bahut sunder.
Comment by डॉ. नमन दत्त on July 12, 2011 at 5:54pm
सुन्दर रचना रवि जी...
Comment by Rash Bihari Ravi on July 12, 2011 at 1:14pm
dhanyabad bagi ji and madhu ji

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on July 12, 2011 at 9:30am
खुबसूरत लाजबाब

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
38 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
3 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
3 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
5 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
5 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय रिचा यादव जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार करें।"
8 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, अति सुंदर ग़जल के लिए बधाई स्वीकार करें।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई तिलकराज जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। बहुत सुंदर सुझाव दिया…"
8 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय रिचा यादव जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
8 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. रिचा जी, हार्दिक धन्यवाद।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई अजय जी, गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service