For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

दिल खोल गायें, तराना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

खुशियाँ ही खुशियाँ, दिवाली ही दिवाली हो.
हर दिन सुहाना हो, रात मतवाली हो.
शांति- सुकून हो, नज़राना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

प्यार बिना यारों, ये ज़िन्दगी बेकार है.
मिल्लत औ चाहत, अमन का आधार है.
सुख - समृद्धि हो, खज़ाना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

मापतपुरी सबको हो,जलवा सिंगार का.
सबको सौगात मिले, उसके सच्चे प्यार का.
ऐसा हसीन हो, बहाना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

-गीतकार - सतीश मापतपुरी

Views: 624

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by satish mapatpuri on January 6, 2012 at 9:05pm
आदरणीय श्री, 2012 के प्रथम गीत  को आपने सराहा - मैं धन्य हुआ. नववर्ष आपके, आपके परिवार के एवंOBO के लिए मंगलमय हो.

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on January 6, 2012 at 11:15am

//शांति- सुकून हो, नज़राना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.//

वह वाह - इस मुकद्दस भावना को सलाम. आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं. 

Comment by satish mapatpuri on January 1, 2012 at 9:48pm
सराहना के लिए आभार आदरणीय सौरभ भाई , 2012  का मेरा पहला गीत आपको पसंद आया, यह मेरे लिए शुभ संकेत है ............... नवा साल की मंगल कामना

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 1, 2012 at 9:30pm

क्या ही सकारात्मक कामनाएँ, क्या ही गेयता और प्रवाह भरी रचना. वाह वाह !.. . झूम-झूम गाते हुए बीते यह साल !!

आपको नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ, सतीश भाई.

Comment by satish mapatpuri on January 1, 2012 at 9:15pm
अरुण जी, नीरज साहेब , रवि जी और बागी साहेब, आप सबको मेरा गीत अच्छा लगा, इसके लिए दिल से आभार ............... आप सब को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 1, 2012 at 8:23pm
प्यार बिना यारों, ये ज़िन्दगी बेकार है.
मिल्लत औ चाहत, अमन का आधार है.
वाह वाह सतीश भईया, बहुत ही खुबसूरत गीत का तोहफा दिया है आपने नए साल का, आपको भी नव वर्ष मंगलमय हो |
Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on January 1, 2012 at 5:08pm

NAYE SAAL KI PAHLI RACHNA 

LAG RAHI HAI KITNA APNA

KYA UMDA KIYA AGAAZ SIR G

HO NAV VARSH ME NUTAN SAPNA

    HAPPY NEW YEAR.........................ATENDRA KUMAR SINGH'RAVI' 

Comment by Abhinav Arun on January 1, 2012 at 3:46pm
आपके मुबारक अलफ़ाज़ में हम भी शामिल हैं और आप सबको कहते हैं नव वर्ष मंगलमय-- लेखन मय-- गीग़ज़ल मय हो !!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
20 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Jul 14
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service