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इस बार वो ये बात अजब पूछते रहे

मेरी उदासियो का सबब पूछते रहे

अब ये मलाल है कि बता देते राज़-ऐ-दिल

तब कह सके न कुछ भी वो जब पूछते रहे

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Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on September 23, 2010 at 9:43pm
bahut sahi hilal jee....tagdi lines hai
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on September 23, 2010 at 9:31pm
waah hilal bhai waah......aisehi lage rahe
Comment by आशीष यादव on September 21, 2010 at 3:36pm
waah waah, chand shabdo me ye kasak. kya baat kahi aapne.

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 21, 2010 at 8:38am
सही है हिलाल जी ,
Comment by Team Admin on September 20, 2010 at 10:45pm
बहुत खूब जनाब.....ऐसेही लिखते रहे....

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 20, 2010 at 9:44pm
क्या बात है ...missed that oppartunity!!!!!!!!!

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